हरियाणा के रोहतक से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर लोगों के बीच नई बहस छेड़ दी है। जिस चौगानन धाम में रोज़ बड़ी संख्या में श्रद्धालु झाड़ा लगवाने पहुंचते थे, अब उसी धाम के मुख्य गेट पर ताला लटक गया है। और सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ताला किसी प्रशासन ने नहीं, बल्कि खुद धाम के बाबा ने लगाया है।”
“बताया जा रहा है कि पाखंडवाद के खिलाफ चल रही सोशल मीडिया मुहिम के बीच बाबा जगतार भगत ने आधी रात को धाम बंद करने का वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि वह इस पूरे विवाद से परेशान हैं और अब धाम पर वापस नहीं आएंगे।”
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“इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई, जब जाट आरक्षण हिंसा मामले में भगोड़ा घोषित धर्मेंद्र हुड्डा ने विदेश से एक वीडियो जारी कर कुछ धार्मिक स्थलों और बाबाओं पर सवाल उठाए। इसी दौरान चौगानन धाम का नाम भी चर्चा में आया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।”
“धर्मेंद्र हुड्डा ने बाबा जगतार को लेकर कई दावे भी किए। इनमें धाम की स्थापना, श्रद्धालुओं की संख्या और वहां होने वाली कमाई जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।”
**“अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह धाम कुछ समय के लिए बंद रहेगा या फिर विवाद शांत होने के बाद दोबारा खुलेगा? फिलहाल इस पूरे मामले ने हरियाणा में आस्था, सोशल मीडिया और विवाद—तीनों को एक साथ चर्चा का विषय बना दिया है।




