
रोहतक से इस वक्त की बड़ी खबर… कबड्डी खिलाड़ी शीलू बहलारा की पत्नी मुस्कान सुसाइड केस में एक नया मोड़ सामने आया है। दोनों परिवारों के बीच पंचायत में समझौता तो हो गया, लेकिन क्या सिर्फ पंचायत में समझौता हो जाने से कानूनी केस भी खत्म हो जाएगा?”
दरअसल, मुस्कान ने 31 जुलाई को बहु अकबरपुर गांव स्थित अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। इसके बाद मुस्कान के पिता की शिकायत पर शीलू बहलारा समेत परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
अब मंगलवार को दोनों परिवारों के बीच पंचायत में समझौता हुआ। पंचायत के सामने शीलू के परिवार की ओर से चार मांगें रखी गईं, जिन्हें बहु अकबरपुर गांव की पंचायत ने मान लिया। इन मांगों को पूरा करने के लिए परिवार को 10 दिन का समय दिया गया है। तय हुआ कि मांगें पूरी होने के बाद मुस्कान के पिता शिकायत वापस लेने की बात करेंगे।
लेकिन यहीं से कहानी का सबसे बड़ा सवाल सामने आता है—क्या पंचायत का समझौता होते ही FIR खत्म हो जाएगी?
जानकारों के मुताबिक, सिर्फ शिकायत वापस लेने या पंचायत में समझौता होने से गंभीर आपराधिक मामला अपने आप खत्म नहीं होता। FIR को खत्म करने के लिए पुलिस जांच से लेकर अदालत की मंजूरी तक कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
यानी गांव की पंचायत में समझौता भले हो गया हो, लेकिन कानून की नजर में मामला अभी खत्म नहीं हुआ है।
अब देखना होगा कि अगले 10 दिनों में पंचायत में रखी गई मांगें पूरी होती हैं या नहीं… और उसके बाद इस केस की कानूनी दिशा क्या होती है।
क्योंकि सवाल सिर्फ समझौते का नहीं है—सवाल ये भी है कि क्या पंचायत का फैसला कानून की प्रक्रिया को बदल सकता है?

