चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। कई जगह यह दावा किया जा रहा है कि एथेनॉल बनाने के कारण बाजार में चीनी कम पहुंच रही है और इसी वजह से दाम बढ़ रहे हैं। हालांकि सरकार ने इस दावे को गलत बताते हुए साफ किया है कि चीनी की महंगाई के पीछे असली वजह कुछ और है।

एथेनॉल नहीं, ये है चीनी महंगी होने की वजह
सरकार के मुताबिक चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण उत्पादन में कमी और मांग का बढ़ना है। इस बार कई राज्यों में गन्ने की फसल मौसम से प्रभावित हुई, जिससे चीनी उत्पादन पिछले साल की तुलना में कम रहने का अनुमान है। दूसरी ओर त्योहारों और घरेलू खपत के चलते मांग लगातार बढ़ रही है।
एथेनॉल पर सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने कहा कि एथेनॉल कार्यक्रम और चीनी की उपलब्धता के बीच संतुलन बनाया गया है। जितनी चीनी घरेलू जरूरतों के लिए आवश्यक है, उतनी उपलब्ध कराने के बाद ही गन्ने का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में किया जाता है। इसलिए केवल एथेनॉल को कीमत बढ़ने का कारण बताना सही नहीं है।
किन वजहों से बढ़े दाम?
गन्ने के उत्पादन में कमी।
त्योहारों से पहले चीनी की मांग बढ़ना।
बाजार में सीमित आपूर्ति का दबाव।
उत्पादन लागत और सप्लाई चेन पर असर।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
चीनी महंगी होने का असर मिठाइयों, बेकरी उत्पादों और कई खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि बाजार पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।




