UPI पर चार्ज लगने की खबरों के बीच करोड़ों यूज़र्स कन्फ्यूज हैं। अब PhonePe के CEO समीर निगम ने MDR (Merchant Discount Rate) को लेकर बड़ा बयान दिया है और बताया है कि आखिर यूज़र्स को चार्ज देना पड़ेगा या नहीं।आगे पढ़ें पूरी खबर…

क्या है पूरा मामला?
UPI पर चार्ज लगने की खबरों के बीच PhonePe के CEO समीर निगम ने साफ किया है कि भारत में करीब 96% UPI ट्रांजैक्शन पहले की तरह पूरी तरह फ्री रहेंगे। नया MDR (Merchant Discount Rate) केवल कुछ बड़े मर्चेंट पेमेंट पर लागू होगा, आम लोगों के पैसे भेजने या छोटे भुगतान पर नहीं।
किस पर लगेगा चार्ज?
15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू होगा। यह शुल्क ग्राहक नहीं, बल्कि भुगतान इकोसिस्टम में मर्चेंट और संबंधित संस्थाओं के बीच लागू होगा।
क्या रहेगा बिल्कुल फ्री?
ट्रांजैक्शन चार्ज
दो लोगों के बीच UPI (P2P) ✅ पूरी तरह फ्री
₹2,000 तक मर्चेंट पेमेंट ✅ फ्री
छोटे दुकानदारों को UPI QR पेमेंट ✅ फ्री
₹2,000 से ऊपर कुछ बड़े मर्चेंट पेमेंट 0.4% MDR लागू
PhonePe CEO ने क्या कहा?
समीर निगम के मुताबिक, पिछले छह वर्षों से UPI पर कोई MDR नहीं था और इसका खर्च पेमेंट इंडस्ट्री उठा रही थी। उनका कहना है कि नया MDR केवल बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा और इससे UPI नेटवर्क को मजबूत करने, साइबर सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने में मदद मिलेगी।
सरकार ने भी दी सफाई
वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि MDR कोई टैक्स नहीं है और न ही सरकार इसे वसूलेगी। साथ ही बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि मर्चेंट यह चार्ज ग्राहकों से न वसूलें।
क्या आप रोज़ UPI से ₹2,000 से ज़्यादा पेमेंट करते हैं? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताइए.




