दिल्ली के वसंत कुंज में 75 वर्षीय बीमार महिला को कथित तौर पर 22 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराकर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगों ने खुद को CBI और ED समेत सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी।आगे पढ़ें पूरी खबर।

वीडियो कॉल पर लगातार निगरानी
शिकायत के अनुसार, 6 अप्रैल को महिला को फोन आया। आरोपितों ने कहा कि उनका मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद वर्दी पहने लोगों ने वीडियो कॉल के जरिए महिला से संपर्क किया और गिरफ्तारी का डर दिखाया। महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने के लिए कहा गया।
पहले बैंक से रकम, फिर सोना गिरवी
ठगों के निर्देश पर महिला ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के वसंत कुंज स्थित खाते से करीब 3 लाख रुपये ट्रांसफर किए। अगले दिन करीब 83.5 ग्राम सोना गिरवी रखकर लगभग 4.95 लाख रुपये का गोल्ड लोन लिया गया और यह रकम भी कथित तौर पर बताए गए खाते में भेजी गई।
प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी लिए
शिकायत में आरोप है कि इसके बाद महिला की प्रॉपर्टी से जुड़े मूल दस्तावेज भी लिए गए। करीब 2.40 करोड़ रुपये की संपत्ति के लिए दस्तावेज तैयार कराए गए और 24 लाख रुपये एडवांस का उल्लेख किया गया। मामले में एक प्रॉपर्टी डीलर की भूमिका को लेकर भी शिकायत की गई है।
बेटी ने विदेश से लौटकर दी जानकारी
महिला की बेटी विदेश में रहती हैं। अप्रैल के अंत में उन्हें अपनी मां की स्थिति पर संदेह हुआ, जिसके बाद वह दिल्ली पहुंचीं और पुलिस को मामले की जानकारी दी। इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस की जांच जारी
रिपोर्टों के मुताबिक, मामले में बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, WhatsApp संदेश और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अलग-अलग रिपोर्टों में ठगी की रकम के आंकड़े अलग बताए गए हैं; शिकायत में करीब 28.95 लाख रुपये की ऑनलाइन वित्तीय ठगी का उल्लेख है, जबकि प्रॉपर्टी और अन्य नुकसान जोड़ने पर कुल नुकसान कहीं अधिक बताया गया है।




