भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर सिंगीतम श्रीनिवास राव का 94 साल की उम्र में निधन हो गया। चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उन्होंने शनिवार रात अंतिम सांस ली, जहां उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज चल रहा था। छह दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने अलग-अलग भाषाओं में ऐसी फिल्में बनाईं, जिन्होंने कहानी कहने के अंदाज को नई दिशा दी। ‘पुष्पक विमान’, ‘आदित्य 369’ और ‘मयूरी’ जैसी फिल्मों के लिए उन्हें खास तौर पर याद किया जाएगा। आगे पढ़ें पूरी खबर।

94 साल की उम्र में हुआ निधन
सिंगीतम श्रीनिवास राव ने 3 अक्टूबर 2026 को चेन्नई के कावेरी अस्पताल में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज चल रहा था।
उनके निधन की खबर सामने आते ही दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों और फिल्ममेकरों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। जूनियर एनटीआर समेत कई सितारों ने उनके योगदान को याद किया।
छह दशक से ज्यादा का शानदार फिल्मी सफर
सिंगीतम श्रीनिवास राव का फिल्मी करियर छह दशक से ज्यादा लंबा रहा। उन्होंने तेलुगु, कन्नड़, तमिल, हिंदी और अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में काम किया और अलग-अलग तरह की कहानियों को पर्दे पर उतारा। उन्होंने बतौर सहायक निर्देशक दिग्गज फिल्ममेकर के.वी. रेड्डी के साथ काम करते हुए अपने करियर की शुरुआत की थी।
उन्होंने 1972 में फिल्म ‘नीति निजायती’ से निर्देशन की शुरुआत की। इसके बाद उनका नाम प्रयोगात्मक और अलग तरह की फिल्मों से जुड़ता चला गया।
‘पुष्पक विमान’ ने बनाई अलग पहचान
1987 में आई ‘पुष्पक विमान’ उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही। कमल हासन और अमला अक्किनेनी अभिनीत इस फिल्म में संवादों का इस्तेमाल नहीं किया गया था। फिल्म को उसकी अनोखी कहानी और प्रस्तुति के लिए खूब सराहा गया और इसे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला।
‘आदित्य 369’ से टाइम ट्रैवल को बनाया खास
सिंगीतम की फिल्मों में ‘आदित्य 369’ का नाम भी बेहद खास है। 1991 में आई इस साइंस-फिक्शन फिल्म में टाइम ट्रैवल की कहानी दिखाई गई थी। उस दौर में भारतीय सिनेमा में इस तरह के विषय को बड़े स्तर पर पर्दे पर लाना अपने आप में अलग प्रयोग था।
इसके अलावा ‘मयूरी’, ‘भैरव द्वीपम’, ‘अपूर्व सहोदरंगल’ और ‘माइकल मदना काम राजन’ जैसी फिल्मों ने भी उनके करियर को खास पहचान दी।
आखिरी दौर तक फिल्मों से जुड़े रहे
खास बात यह रही कि सिंगीतम श्रीनिवास राव ने उम्र के इस पड़ाव पर भी सिनेमा से अपना रिश्ता नहीं छोड़ा। उनकी आखिरी फिल्म ‘सिंग गीतम’ 2026 में रिलीज हुई। इसके साथ वह अपने जीवन के अंतिम वर्षों तक रचनात्मक रूप से सक्रिय रहे।
फिल्म इंडस्ट्री में छोड़ी अमिट छाप
सिंगीतम श्रीनिवास राव को सिर्फ एक निर्देशक के तौर पर नहीं, बल्कि नए विचारों और प्रयोगों को पर्दे पर उतारने वाले फिल्ममेकर के रूप में याद किया जाएगा। उनके निधन के साथ भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे रचनाकार को खो दिया, जिसने कई दशकों तक अलग-अलग भाषाओं और शैलियों में काम किया।




