दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने वालों के लिए अब जगह बदलने जा रही है। जंतर-मंतर की जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन के नए ठिकानों के तौर पर चुना गया है। लेकिन इन मैदानों तक पहुंचना कितना आसान होगा, कितने लोगों के जुटने की क्षमता है और प्रदर्शन आयोजित करने के लिए कितनी रकम खर्च करनी पड़ सकती है? आगे पढ़ें पूरी खबर।

जंतर-मंतर की जगह अब कहां होगा प्रदर्शन?
दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों को लेकर जारी नए आदेश के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और CBD ग्राउंड चर्चा में हैं। जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वालों का प्रमुख केंद्र रहा है। अब नए स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए जगह, बुकिंग, खर्च और अनुमति से जुड़ी प्रक्रियाओं को समझना जरूरी हो गया है।
1. रामलीला मैदान: प्रदर्शन के लिए कितना लगेगा खर्च?
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित रामलीला मैदान दिल्ली के प्रमुख सार्वजनिक आयोजनों और राजनीतिक रैलियों के लिए जाना जाता है। लगभग 12 एकड़ में फैले इस मैदान में करीब 50 हजार लोगों के जुटने की क्षमता बताई जाती है। संसद से इसकी दूरी लगभग 6 किलोमीटर है।
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, यहां बुकिंग का शुल्क करीब 50 हजार रुपये प्रतिदिन है। इसके अलावा लगभग 55 हजार रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी राशि जमा करनी पड़ सकती है। टैक्स और अन्य लागू शुल्क मिलाकर शुरुआती खर्च लगभग 1.21 लाख रुपये तक बताया गया है।
मैदान में प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संबंधित प्राधिकरण की बुकिंग प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके साथ पुलिस की अनुमति और जरूरी NOC भी आवश्यक हो सकती है। तारीख की उपलब्धता पहले से जांचना जरूरी है, क्योंकि बड़े आयोजनों के चलते मैदान की बुकिंग सीमित हो सकती है।
2. CBD ग्राउंड: पूर्वी दिल्ली में प्रदर्शन का विकल्प
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा क्षेत्र में स्थित CBD ग्राउंड भी प्रदर्शन के लिए निर्धारित नए स्थलों में शामिल है। इसका क्षेत्रफल लगभग 12 एकड़ और अनुमानित क्षमता करीब 15 हजार लोगों की बताई जाती है। संसद से इसकी दूरी लगभग 13 से 14 किलोमीटर है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यहां एक दिन की बुकिंग का खर्च करीब 1.87 लाख रुपये बताया गया है। हालांकि, वास्तविक भुगतान बुकिंग की शर्तों, सुरक्षा राशि, टैक्स और अन्य लागू शुल्क के आधार पर अलग हो सकता है।
इस क्षेत्र में अदालतें, बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और रिहायशी इलाके मौजूद हैं। ऐसे में बड़े प्रदर्शन के दौरान यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका भी रहती है। आयोजकों को बुकिंग के साथ-साथ पुलिस की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।
3. बुराड़ी मैदान: बड़े प्रदर्शन के लिए कितना उपयोगी?
उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में स्थित बुराड़ी का निरंकारी मैदान बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। इसका क्षेत्रफल करीब 50 से 57 एकड़ बताया जाता है और यहां लगभग 80 हजार से एक लाख लोगों के जुटने की क्षमता का अनुमान है। संसद से इसकी दूरी करीब 22 से 23 किलोमीटर है।
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, यहां प्रदर्शन के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन हो सकती है। हालांकि, बुकिंग का सटीक शुल्क और उपलब्ध तारीख संबंधित प्राधिकरण से पता करना जरूरी है।
बड़े मैदान की वजह से यहां ज्यादा लोगों के जुटने की संभावना रहती है, लेकिन दिल्ली के केंद्रीय हिस्से से इसकी दूरी प्रदर्शनकारियों के लिए चुनौती बन सकती है। ऐसे आयोजनों में यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखना भी जरूरी होगा।
जंतर-मंतर हटने से प्रदर्शनकारियों पर क्या पड़ेगा असर?
जंतर-मंतर संसद और केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के नजदीक होने के कारण प्रदर्शनकारियों के लिए महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यहां होने वाले विरोध-प्रदर्शनों को राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान मिलने की संभावना भी रहती थी।
अब दूसरे स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने से संगठनों को दूरी, बुकिंग शुल्क, मैदान की उपलब्धता और लोगों के आने-जाने की सुविधा जैसे पहलुओं पर विचार करना होगा। छोटे संगठनों के लिए खर्च एक बड़ी चुनौती बन सकता है, जबकि बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी अहम होगी।
हालांकि, किसी निर्धारित स्थल को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का अर्थ यह नहीं है कि शांतिपूर्ण विरोध का संवैधानिक अधिकार अपने आप समाप्त हो गया है। प्रदर्शन लागू कानूनों, पुलिस की अनुमति और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों के अधीन रहेगा।
प्रदर्शन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
दिल्ली में किसी भी मैदान पर धरना या प्रदर्शन आयोजित करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से बुकिंग की शर्तों, उपलब्ध तारीख, शुल्क और सिक्योरिटी राशि की जानकारी लें। इसके अलावा पुलिस की अनुमति, यातायात व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना भी जरूरी है।




