उत्तर प्रदेश के मेरठ में अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उनकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई है। इस मामले में आरोप था कि अमित की गला घोंटकर हत्या करने के बाद मौत को सांप के काटने का मामला दिखाने की कोशिश की गई थी। करीब डेढ़ साल तक चली जांच और अदालती कार्रवाई के बाद आए इस फैसले से मामला एक बार फिर चर्चा में है। आखिर पुलिस ने इस कथित साजिश की परतें कैसे खोलीं और अदालत में कौन-से सबूत अहम साबित हुए? आगे पढ़ें पूरी खबर।

क्या है मेरठ का चर्चित ‘सांप कांड’?
यह मामला मेरठ जिले के बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 12 अप्रैल 2025 की रात अमित कश्यप की हत्या की गई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि अमित की मौत को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश की गई थी।
जांच के दौरान पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगा। अदालत ने 7 अक्टूबर 2026 को दोनों को हत्या का दोषी ठहराया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
हत्या के बाद चारपाई पर मिला था सांप
अमित की मौत के बाद उसके बिस्तर पर सांप मिला था। शुरुआत में घटना को सांप के काटने से हुई मौत के रूप में दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताई गई। रिपोर्ट में गर्दन की हड्डियों में चोट और शरीर पर अन्य निशान मिलने की बात भी सामने आई
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर रविता और अमरदीप के खिलाफ मुकदमा चलाया गया।
मोबाइल कॉल डिटेल ने खोली अहम कड़ी
अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों में दोनों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी शामिल थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या की रात और उसके बाद रविता तथा अमरदीप के बीच कई बार बातचीत हुई थी। रिपोर्टों में दोनों के बीच 51 बार फोन पर संपर्क होने का जिक्र है।
इसके अलावा, मामले में गवाहों के बयान और सांप की व्यवस्था से जुड़े साक्ष्य भी पेश किए गए। अभियोजन पक्ष ने इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत में अपना पक्ष रखा।
गवाहों के बयान भी रहे अहम
मामले की सुनवाई के दौरान अमित की मां मुनेश, भाई मोनू और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सांप उपलब्ध कराने से जुड़े व्यक्ति की गवाही को भी अहम बताया गया। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित विभिन्न साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी माना।
बेटे को खोने वाली मां ने मांगी थी फांसी
अमित की मां मुनेश ने अदालत से दोनों दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका कहना था कि बेटे की हत्या के मामले में न्याय तभी मिलेगा, जब दोषियों को कठोर सजा दी जाएगी। इस मामले में परिवार की पीड़ा और न्याय की मांग भी सुनवाई के दौरान चर्चा में रही।
अदालत के फैसले के बाद आगे क्या?
अदालत ने रविता और अमरदीप को मृत्युदंड सुनाया है। मृत्युदंड के मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील के अधिकार भी महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए मामले की आगे की स्थिति न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।
मेरठ का यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि जांच में कथित तौर पर हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की कोशिश का पहलू सामने आया। अदालत के फैसले के साथ अमित कश्यप हत्याकांड में एक अहम न्यायिक पड़ाव पूरा हुआ है।





