दलेर मेहंदी के लोकप्रिय गानों पर झूमने के लिए टिहरी के कुंजापुरी मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। लेकिन सांस्कृतिक संध्या के दौरान बैकग्राउंड ट्रैक को लेकर विवाद हो गया। दर्शकों की नाराजगी के बीच मंत्री सुबोध उनियाल ने भी मंच पर आपत्ति जताई। बाद में तकनीकी व्यवस्था सुधारी गई और कार्यक्रम फिर आगे बढ़ा। आखिर इस विवाद ने लाइव शो को लेकर क्या सवाल खड़े किए? आगे पढ़ें पूरी खबर।

दर्शकों को प्रस्तुति में सुनाई दी रिकॉर्डेड आवाज
नरेंद्रनगर में कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या में दलेर मेहंदी मुख्य आकर्षण थे। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मंच पर कुछ गाने प्रस्तुत किए, लेकिन इसके बाद बैकग्राउंड में रिकॉर्डेड आवाज सुनाई देने पर दर्शकों ने आपत्ति जताई।
लोगों की नाराजगी का मुख्य कारण यह था कि वे गायक की लाइव प्रस्तुति सुनने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे थे।
मंत्री सुबोध उनियाल ने क्या कहा?
कार्यक्रम में मौजूद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर पहुंचकर इस व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि दर्शक दलेर मेहंदी को लाइव सुनने आए हैं और उन्हें रिकॉर्डेड आवाज के सहारे प्रस्तुति नहीं दी जानी चाहिए।
मंत्री की आपत्ति के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। पुलिस ने व्यवस्था संभाली और आयोजकों ने तकनीकी टीम के साथ साउंड व्यवस्था ठीक करने की कोशिश की।
व्यवस्था सुधरने के बाद दर्शक फिर झूमे
रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीकी सुधार के बाद कार्यक्रम आगे बढ़ा। दलेर मेहंदी के गानों पर दर्शकों ने फिर उत्साह दिखाया और सांस्कृतिक संध्या देर रात तक चली।
हालांकि, कार्यक्रम में वास्तव में किस हिस्से में लाइव गायन हुआ और रिकॉर्डेड ट्रैक का कितना इस्तेमाल किया गया, इसकी विस्तृत तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है।
लाइव शो में दर्शकों की अपेक्षाएं क्यों अहम?
लाइव कॉन्सर्ट में दर्शक कलाकार की वास्तविक प्रस्तुति सुनने की उम्मीद करते हैं। जब मंच पर रिकॉर्डेड आवाज का इस्तेमाल होता है, तो दर्शकों के अनुभव और कार्यक्रम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
कुंजापुरी मेले की यह घटना इसी वजह से चर्चा में है। मंत्री की आपत्ति और दर्शकों की प्रतिक्रिया ने कार्यक्रम की तकनीकी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं।




