हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू होने से बिजली आपूर्ति पर असर पड़ने लगा है। निजीकरण के विरोध में कर्मचारी 22 से 24 अक्टूबर तक हड़ताल पर हैं। सिरसा में 30 फीडर बंद होने और कुरुक्षेत्र में बिजली गुल होने की खबरें सामने आई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कर्मचारियों से हड़ताल पर पुनर्विचार करने की अपील की है। आखिर निजीकरण को लेकर क्यों भड़के बिजली कर्मचारी और किन इलाकों में बिजली संकट गहराया है? आगे पढ़ें पूरी खबर।

निजीकरण के विरोध में प्रदेशव्यापी हड़ताल
हरियाणा के बिजली विभाग के कर्मचारी और इंजीनियर 22 अक्टूबर से तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं। यह हड़ताल 24 अक्टूबर तक जारी रहने का ऐलान किया गया है।
कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को बिजली वितरण का 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यह कदम बिजली वितरण के निजीकरण की दिशा में बढ़ाया गया है, जिससे सरकारी बिजली निगमों और कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने लाइसेंस रद्द करने और अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है।
सिरसा में 30 फीडर बंद, कुरुक्षेत्र में भी बिजली संकट
हड़ताल के पहले दिन बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, सिरसा में 30 बिजली फीडर बंद होने की जानकारी मिली है, जबकि कुरुक्षेत्र में भी बिजली गुल होने की खबर है।
फीडर बंद होने से संबंधित इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। हालांकि, इन घटनाओं के कारण कितने उपभोक्ता प्रभावित हुए और आपूर्ति कब तक बहाल होगी, इसकी विस्तृत पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
हड़ताल के दौरान बिजली व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन और बिजली विभाग की ओर से वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की हड़ताल वापस लेने की अपील
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिजली कर्मचारियों से तीन दिवसीय हड़ताल पर पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति अस्पतालों, किसानों, उद्योगों, कारोबार और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के लिए बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से जनहित को प्राथमिकता देने और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने का आग्रह किया है।
सरकार निजी लाइसेंस के फैसले को चुनौती देगी
निजी कंपनी को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के फैसले पर सरकार ने भी कानूनी कदम उठाने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा सरकार इस फैसले के खिलाफ अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
वहीं, बिजली कर्मचारी लाइसेंस वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। उनका कहना है कि निजीकरण से सरकारी बिजली निगमों की आर्थिक स्थिति, कर्मचारियों की नौकरी और उपभोक्ताओं के हित प्रभावित हो सकते हैं।
24 अक्टूबर तक जारी रहेगी हड़ताल
बिजली कर्मचारियों की घोषित हड़ताल 22 से 24 अक्टूबर तक चलेगी। संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने कहा है कि मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का अगला चरण तय किया जा सकता है।
अब देखना होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या हरियाणा के कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति की परेशानी आगे भी बनी रहती है।




