पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने पार्टी से भी नाता तोड़ लिया है। पिछले दो दिनों में पार्टी के तीन विधायकों के इस्तीफे से पंजाब में सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आखिर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपने इस्तीफे के पीछे क्या वजह बताई? आगे पढ़ें पूरी खबर।

MLA पद और पार्टी दोनों से दिया इस्तीफा
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार, 2 नवंबर को पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को अपना इस्तीफा भेजा। उन्होंने पत्र में विधानसभा की सदस्यता से 1 नवंबर 2026 से इस्तीफा देने की बात कही है।
इसके साथ ही उन्होंने पंजाब में पार्टी अध्यक्ष अमन अरोड़ा को पत्र लिखकर आम आदमी पार्टी के सभी पदों और सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने की जानकारी दी। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी इसकी प्रति भेजी।
इस्तीफे के बाद जनता के नाम क्या संदेश दिया?
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अमृतसर के लोगों के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि वह जनता से मिले प्यार और सम्मान के लिए जीवनभर आभारी रहेंगे। उन्होंने पंजाब को नशे, फिरौती, गैंगस्टरवाद और भ्रष्टाचार से बाहर निकालने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
उन्होंने यह भी दावा किया कि विधायक के तौर पर उन्होंने अपने करीब 90 फीसदी लक्ष्य पूरे कर लिए हैं। उनके मुताबिक, उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि राजनीति में ‘माई-बाप कल्चर’ को खत्म करना और जनता को अपनी प्रेरणा मानकर काम करना रहा है।
AAP नेतृत्व पर पहले भी उठा चुके हैं सवाल
कुंवर विजय प्रताप सिंह पिछले काफी समय से पार्टी नेतृत्व और पंजाब सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते रहे हैं। रविवार को भी उन्होंने पार्टी की विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया था।
जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने उन्हें कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई उस समय हुई थी, जब उन्होंने अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।
कौन हैं कुंवर विजय प्रताप सिंह?
कुंवर विजय प्रताप सिंह पंजाब कैडर के पूर्व IPS अधिकारी हैं। उन्होंने साल 2021 में समय से पहले पुलिस सेवा से रिटायरमेंट लिया और आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए। 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उन्होंने अमृतसर नॉर्थ सीट से जीत दर्ज की थी।
पुलिस सेवा के दौरान वह 2015 के कोटकपूरा और बेहबल कलां गोलीकांड की जांच करने वाली विशेष जांच टीम (SIT) का हिस्सा भी रहे थे। इन मामलों को लेकर उन्होंने विधानसभा में कई बार आवाज उठाई थी।
दो दिन में तीन विधायकों के इस्तीफे से बढ़ी हलचल
कुंवर विजय प्रताप सिंह का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब इससे पहले रविवार को समाना से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
इस तरह दो दिनों के भीतर पार्टी के तीन विधायकों के इस्तीफे ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। यह घटनाक्रम 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के लिए चुनौती माना जा रहा है।
क्या BJP में शामिल होंगे कुंवर विजय प्रताप?
कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफे के बाद उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हैं। उनके BJP में शामिल होने की चर्चाएं भी सामने आई हैं, लेकिन फिलहाल उनकी ओर से किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने अपने संदेश में साफ कहा है कि उनका उद्देश्य पंजाब में स्वच्छ राजनीति और पारदर्शी प्रशासन के लिए आगे की रणनीति जनता के साथ मिलकर तैयार करना है।





