पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद अब प्रशासनिक लापरवाही और निर्माण कार्य में सुरक्षा नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आखिर इस हादसे के बाद सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए? आगे पढ़ें पूरी खबर।

हादसे के बाद मौके पर पहुंचीं CM रेखा गुप्ता
चावड़ी बाजार की गली सितारा में गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, NDRF और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। मलबे से दो लोगों के शव निकाले गए, जबकि चार घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान चलाया गया।
दो इंजीनियरों पर गिरी गाज, ठेकेदार के खिलाफ FIR
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद संबंधित जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी।
निर्माण में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था और छत के नीचे लगे सपोर्ट सिस्टम को हटाने के दौरान ढांचा गिर गया। नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार, इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री ठीक से सेट नहीं हुई थी। पुलिस ने भी निर्माण को कथित तौर पर अनधिकृत बताया है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को मदद के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। आसपास की इमारतों की सुरक्षा को देखते हुए वहां रहने वाले लोगों को भी बाहर निकाला गया।
हादसे ने फिर खड़े किए निर्माण सुरक्षा पर सवाल
पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है, यह हादसा एक बार फिर दिखाता है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि इमारत के निर्माण में किन नियमों का उल्लंघन हुआ और निगरानी करने वाले अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी थी।






