आर्थिक रूप से तंग इस खिलाड़ी को 15 हजार हर महीना देंगे अभय चौटाला

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खिलाड़ी किसी भी देश की आन-बान-शान होता है, चाहे उसका कोई भी धर्म, मजहब, रंग, रूप हो। जब भी कोई खिलाड़ी अपने देश के लिए खेलता है तो पूरे देश को अपने खिलाड़ी पर फक्र महसूस होता है। लेकिन कई बार सरकार की रणनीति से एक खिलाड़ी के सपनों का संसार भी बिखर जाता है और उसका करियर वहीं पर खत्म हो जाता है। ऐसा ही एक मामला हरियाणा के इंदरगढ़़ गांव की वुशू खिलाड़ी शिक्षा का, जो कि 56 और 60 किलोग्राम भार वर्ग में 9 बार नेशनल और 24 बार स्टेट लेवल पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रांॅज मेडल हासिल कर चुकी है। हरियाणा सरकार भले ही अपनी खेल नीति को बढ़ा-चढ़ा कर बयां करती है, लेकिन जो हालात खिलाड़ियों के हैं, शायद हरियाणा सरकार उससे वाफिक नहीं है।

यह मामला हरियाणा के रोहतक जिले के महम इलाके इंदरगढ़ गांव का है। इस गांव की वुशू खिलाड़ी शिक्षा पिछले कई सालों से अपने देश, अपने राज्य व अपने क्षेत्र के लिए दिन-रात मेहनत कर ढेरों उपलब्धियां हासिल की है। लेकिन पिछले कुछ समय से शिक्षा को आर्थिक तंगी से सामना करना पड़ रहा है, जिसे सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिल पा रही है। थक हारकर इस बेटी ने मनरेगा के तहत मजदूरी करने का फैसला लिया और अपने घर का खर्चा-पानी चलाने के लिए जब घर से बाहर निकली तब जाकर प्रशासन की आंखें खुली। जब मीडिया ने इनसे जानकारी जुटाई, तब जाकर थोड़ी बहुत राहत मिली।

मीडिया द्वारा शिक्षा की आर्थिक तंगी की जानकारी हासिल करने के बाद जब अभय चौटाला के बड़े बेटे करण चौटाला ने मोबाईल पर इनसे बात की। तब जाकर इस खिलाड़ी ने अपनी तंगी उनको बताई। बदले में करण चौटाला ने शिक्षा को हर महीने 10 हजार रूपये की सहयोग राशि देने का ऐलान किया। लेकिन जब अभय चौटाला खुद इस खिलाड़ी को मिलने पहुंचे तो उन्होंने 15 हजार रूपये मासिक देने की बात कही।

इससे पहले शिक्षा ने कई बार खेल विभाग को भी अपनी स्थिति के बारे में बताया तो हर बार उन्होंने पैसे न आने की बात कही। क्योंकि लॉकडाउन की वजह से घर का गुजारा हो पाना मुश्किल हो रहा था। इसीलिए शिक्षा ने मजदूरी करने का फैसला लिया था। शिक्षा ने दो बार ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी वुशू चैंपियनशिप एमडीयू की अगुवाई में भी सिल्वर मैडल जीता है। एमडीयू रोहतक के खेल निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि खिलाड़ियों को तकलीफ नहीं होने दी जाएगी और विभाग की तरफ से हर संभव सहायता की जाएगी। इसके साथ-साथ मामला फैलता देख केंद्रीय मंत्री ने भी खिलाड़ी खुशी को पंडित दीन दयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कल्याण कोष से पांच लाख रूपये की मदद करने का ऐलान किया।

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