जब मुक्के चले… तो सिर्फ़ विरोधी ही नहीं, रिकॉर्ड भी धराशायी हो गए। कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग इवेंट में इस बार भारत ने इतिहास रच दिया है। पहली बार बॉक्सिंग में कुल 6 गोल्ड मेडल भारत की झोली में आए हैं। इतना ही नहीं, एक सिल्वर मेडल भी टीम ने अपने नाम किया है।”
“सबसे खास बात ये है कि इन 6 गोल्ड मेडल में से 5 गोल्ड अकेले हरियाणा के भिवानी के बॉक्सरों ने जीते हैं। यानी एक बार फिर ‘भारत की छोटी क्यूबा’ कहलाने वाले भिवानी ने दुनिया को दिखा दिया कि यहां के मुक्कों में आज भी गोल्ड जीतने की ताकत है।”
“इसी जीत के बाद गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर प्रिया का बयान भी खूब चर्चा में है। प्रिया ने मुस्कुराते हुए कहा— ‘मैंने काफी समय से मीठा छोड़ रखा था। खुद से वादा किया था कि गोल्ड जीतने के बाद ही घेवर खाऊंगी। अब जीत भी गई हूं, तो सबसे पहले घेवर से ही जश्न मनाऊंगी।’”
“इस बार भारतीय बॉक्सरों ने पिछली बार के दिल्ली कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। 6 गोल्ड और 1 सिल्वर के साथ टीम ने नया इतिहास रच दिया है। यह सिर्फ़ मेडल नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और जुनून का नतीजा है।



