बताया जा रहा है कि सुखना लेक पर एक फोटोग्राफर और उसके साथी के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की। फोटोग्राफर के मुताबिक, करीब आठ युवकों ने उसे ईंट-पत्थरों से पीटा। हमले में उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं—बताया गया है कि उसके दो दांत पूरी तरह टूट गए, जबकि एक दांत आधा टूट गया।


घटना के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने हिम्मत दिखाते हुए बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी मौके से चले गए।
अब सवाल पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी उठ रहा है। तस्वीर ये है कि जिस जगह पर घटना हुई, वहां से पुलिस चौकी कुछ ही दूरी पर बताई जा रही है। पुलिस की ओर से सुखना लेक पर लगातार गश्त का दावा किया जाता है, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान कोई पुलिसकर्मी मौके पर नजर नहीं आया।
घायल फोटोग्राफर आमंद्र सिंह उर्फ ओमवीर सिंह ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है और शिकायत में कुछ युवकों के नाम भी बताए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद उसके एक ग्राहक को लेकर हुआ था।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—
सुखना लेक जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर अगर इतने लोग मिलकर किसी व्यक्ति पर हमला कर सकते हैं, तो वहां आम लोगों की सुरक्षा कितनी पुख्ता है?
अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत के आधार पर कब तक कार्रवाई करती है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी को लेकर क्या सामने आता है।
चंडीगढ़ से सामने आई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि सुखना लेक पर एक फोटोग्राफर और उसके साथी के साथ कुछ युवकों ने मारपीट की। फोटोग्राफर के मुताबिक, करीब आठ युवकों ने उसे ईंट-पत्थरों से पीटा। हमले में उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं—बताया गया है कि उसके दो दांत पूरी तरह टूट गए, जबकि एक दांत आधा टूट गया।
घटना के दौरान एक बुजुर्ग महिला ने हिम्मत दिखाते हुए बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी मौके से चले गए।
अब सवाल पुलिस की मौजूदगी को लेकर भी उठ रहा है। तस्वीर ये है कि जिस जगह पर घटना हुई, वहां से पुलिस चौकी कुछ ही दूरी पर बताई जा रही है। पुलिस की ओर से सुखना लेक पर लगातार गश्त का दावा किया जाता है, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान कोई पुलिसकर्मी मौके पर नजर नहीं आया।
घायल फोटोग्राफर आमंद्र सिंह उर्फ ओमवीर सिंह ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है और शिकायत में कुछ युवकों के नाम भी बताए हैं। बताया जा रहा है कि विवाद उसके एक ग्राहक को लेकर हुआ था।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—
सुखना लेक जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर अगर इतने लोग मिलकर किसी व्यक्ति पर हमला कर सकते हैं, तो वहां आम लोगों की सुरक्षा कितनी पुख्ता है?
अब देखना होगा कि पुलिस शिकायत के आधार पर कब तक कार्रवाई करती है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी को लेकर क्या सामने आता है।

