करनाल से सामने आया बीरू वाल्मीकि हत्याकांड का कथित वीडियो अब इस पूरे मामले को और भी गंभीर बना रहा है। वीडियो को लेकर दावा है कि इसमें बीरू अपने साथी बीरबल के साथ बाइक पर जा रहा था, तभी आरोपी हर्ष उनके पास पहुंचता है और बीरू पर गोली चला देता है।
गोली लगते ही बीरू बाइक से सड़क पर गिर जाता है। आसपास लोगों की भीड़ नजर आती है और लोग उसे अस्पताल पहुंचाते हैं, लेकिन इलाज के दौरान बीरू की मौत हो जाती है।
अब इस कहानी में एक और बड़ा मोड़ है…
पुलिस ने हर्ष और बीरबल को आरोपी बताते हुए एनकाउंटर में मार गिराया। पुलिस का आरोप था कि दोनों ने बीरू के घर में घुसकर हमला किया था। लेकिन इसके बाद से ही इस एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया जा रहा है कि एनकाउंटर से एक दिन पहले रोड समाज की पंचायत भी हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि हर्ष के खिलाफ कोई केस नहीं था। पंचायत में बीजेपी विधायक जगमोहन आनंद की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए थे।
वहीं, जगमोहन आनंद की एक पोस्ट भी चर्चा में है, जिसमें लिखा गया—“अपराधी की कोई जाति नहीं होती।”
अब पूरा मामला सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं रह गया है।
एक तरफ बीरू की हत्या, दूसरी तरफ आरोपियों का एनकाउंटर और तीसरी तरफ एनकाउंटर पर उठते सवाल…
यानी करनाल का ये मामला अब कई सवाल अपने पीछे छोड़ गया है—
क्या पुलिस की कार्रवाई सही थी? क्या एनकाउंटर ही इसका जवाब था? और आखिर बीरू की हत्या के पीछे पूरा विवाद क्या था?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही साफ होंगे, लेकिन फिलहाल बीरू हत्याकांड का ये वीडियो पूरे मामले की कहानी को एक नया मोड़ देता नजर आ रहा है।


