तबलिगी जमात के लोगों ने पुलिस पर थूका या नहीं ?

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संसार क्रान्ति: तबलिगी जमात में मार्च के महीने में हुए आयोजन से कोविड़-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं. इस महामारी से जान गवाने 56 मरीजों में से 15 मरीज तबलिगी जमाती हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 2000 संक्रमित लोगों में से 400 लोगों के तार तबलिगी जमात से जुड़े हैं.

सोशल मीडिया पर किए गये दावे सच या झूठ

तबलिगी जमात से संक्रमण के मामले सामने आने पर सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया की जमात से संक्रमित लोगों ने पुलिस पर थूक दिया ताकि संक्रमण फैल जाए. वीडियो ट्विटर पर डाला गया था और उसपर लिखा गया था की  ‘’जिनको सबूत चाहिए वो ये देख लें’’ आपको बता दें की यूजर द्वारा अब ये ट्वीट डिलीट कर दिया गया हैं. आइए आपको इस ट्वीट की सच्चाई बताते हैं.

जब हमने उस वाईरल वीडियो की पड़ताल की तो सामने आया की वह विडीओ 2 मार्च का हैं. वीडियो को TOI ने 2 मार्च को अपने यूटूब पर अपलोड किया था. इससे यह ये साफ होता हैं की विडीओ तबलिगी जमात का नहीं हैं. अब सवाल आता हैं की विडीओ में उसने पुलिस वाले पर थूका क्यों ?

जब हमने इसकी पड़ताल की तो हमने जाना की 28 फरवरी और 2 मार्च 2020 के बीच एक ‘अंडरट्रायल कैदी’ ने साथ जा रहे पुलिस कर्मी से मारपीट की व उनपर थूका भी और मार’पीट भी करी. हमने पाया की वो कैदी पुलिस से नाराज था क्यूँकि पुलिस नें उसे घर से लाया खाना खाने की इजाजत नहीं दी थी.

तबलिगी जमाती पुलिस व डॉक्टरों के साथ कर रहे बदसलूकी

वाईरल वीडियो तो झूठी निकली मगर तबलिगी जमात के लोगों ने गाज़ियाबाद में नर्सों के साथ बदसलूकी की जिसके बाद उनपर FIR दर्ज करवाई गयी. मरकज में शामिल हुए कुछ करोना संदिग्धों को गाजियाबाद स्थित एक आइसोलेशन सेंटर में रखा गया था. जहां पर इन जमातियों ने मेडिकल स्टाफ को परेशान किया व नर्सों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया.

CMO डॉ एन.के गुप्ता द्वारा मिली लिखित शिकायत के बाद इनपर FIR दर्ज की गयी और प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया. वहीं इस मामले को संज्ञान में लेते हुए यूपी के CM आदित्य नाथ ने इन पर रासुका(राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) के तहत एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं.

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