कोरोना के चलते पर्यावरण को बड़ा फायदा – हवा साफ

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कोरोना संकट से पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था ठप्प हो गयी हैं. भारत सरकार ने भारत को 21 दिन यानी 14 अप्रैल तल लॉकडाउन करने के आदेश दिए हैं. जिसके बाद से ही देश की सभी फैक्टरी व ट्रैफिक की चक्का जाम जैसी स्थिति हैं. केवल आपात सेवाओं वाले वाहनों का आवागमन है. इससे जहां देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान हैं वहीं पूरा देश प्रदूषण रहित हो गया हैं.

पहले जहां अधिकतर शहरों का पीएम-10 (पार्टिकुलेट मैटर) 200 से 300 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर रहता था. लॉकडाउन के बाद से ही पार्टिकुलेट मैटर में भारी गिरावट आयी हैं आपको बता दें की अब पीएम-10 का राष्ट्रीय मानक 100 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर है. आसान भाषा में बताएँ तो पहले दिल्ली, मुंबई व पुणे जैसे बीजी शहर प्रदूषण के मानचित्र पर हमेशा लाल-पीले दिखते थे. मगर अब सारे शहर हरे दिख रहें हैं जोकी काफी अच्छी बात हैं.

साल 2019 की बात करें तो सिर्फ 17 और 18 अगस्त को दिल्ली की हवा साफ थी. उसके बाद नवम्बर और दिसम्बर में तो दिल्ली की हवा इतनी खराब हो गयी की दिल्ली के नौकरशाह, नेताओं ने मिलकर प्रदूषण बढ़ने के लिए हरियाणा और पंजाब के किसानों (Farmers) को निशाना बना लिया था.

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