अंधेरे में मुठभेड़ के दौरान उन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया था – शहीद मेजर योगेश गुप्ता के 18वें शहीदी दिवस पर परिवार ने शहीद को नमन किया

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हरियाणा के अंबाला छावनी के रहने वाले मेजर योगेश गुप्ता उलाई 2002 में शहीद हुए थे. डिफेंस कॉलोनी में रहने वाले शहीद मेजर योगेश गुप्ता सुरनकोट इलाके में देर रात आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ के दौरान पेट में गोली लगने के चलते शहीद हो गए थे.

उनकी शहादत को बीते दिन पूरे 18 वर्ष हो चुके हैं. दरअसल 12 जुलाई 2002 की रात उनके परिवार के लिए कभी ना भूलने वाली रात बन कर सामने आई. अन्देहेरे में मुठभेड़ के दौरान उन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया था. इस दौरान उनके पेट में गोली लग गई थी. लेकिन बहते खून के बवजूद भी वह आगे बढ़ते गए और दो अन्य आतंकियों को ढेर कर दिया. खून अधिक बह जाने के कारण मेजर योगेश गुप्ता मात्रभूमि के लिए शहीद हो गए.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मेजर साहब बचपन से ही काफी होशियार व प्रतिभाशाली थे. उनके अंदर हमेशा से देश के लिए कुछ करने का जज्बा था. यह प्रेरणा उन्हें उनकी स्वर्गीय माँ श्रीमती ललित मोहिनी से मिली थी. उनकी शुरूआती शिक्षा कपूरथला में हुई थी. शाहदत के समय मेजर योगेश 25 राष्ट्रीय राइफल्स को कमांड कर रहे थे.

उनकी शहादत के 18वें वर्ष में पिता वेद व्यास, भाई विकास, भाभी रंजू गुप्ता, भतीजे भव्य और भतीजी समायरा ने उन्हें नम आँखों से याद किया और श्रद्धांजलि भेंट की. गृहमंत्री अनिल विज के अनुसार उनकी यद् में अंबाला छावनी में बी.डी. स्कूल के पास उनके नाम का चौक बनवाया गया है. उनकी प्रतिमा भी तैयार हो चुकी है जिसका अनावरण जल्द किया जाएगा.

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