बुखार या खांसी होने पर अब रिजर्वेशन के बावजूद भी नहीं कर सकेंगे ट्रेन में सफर ?, जानिए सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन

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लॉकडाउन फेज़-4 में हरियाणा में सभी बाजार खोलने की अनुमति दे दी गई है. साथ ही अब 1 जून से रोहतक से चलने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस समेत देश की 100 जोड़ी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किये जाने से छह दिन पहले ही सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी हैं. इन नई गाइडलाइन्स के अनुसार जो लोग ट्रेन में सफर करने के इच्छुक हैं, उन्हें बेहद कम सामान के साथ स्टेशन पर पहुंचना होगा. साथ ही स्टेशन पर ट्रेन से बैठने से पहले उन्हें स्क्रीनिंग प्रोसेस से गुजरना होगा. यदि व्यक्ति का तापमान नार्मल से अधिक दर्ज किया जाता है या फिर उसमे जुकाम, खांसी आदि जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो उसकी टिकेट कंफर्म होने के बावजूद भी उसको सफर करने की आज्ञा नहीं दी जाएगी. क्योंकि खांसी, जुखाम और बुखार को कोरोना के लक्षण में गिना जाता हैं. अगर गलती से भी किसी कोरोना संक्रमित यात्री ने ट्रेन में सफर किया तो उससे कई लोगों को समस्या हो सकती हैं.

दरअसल, अब यात्रियों के प्रवेश के लिए स्क्रीनिंग वाली जगहों पर टीटीई द्वारा प्रमाण पत्र जारी किया जायेगा. अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसको ट्रेन में नहीं बैठने दिया जाएगा साथ ही उसको उसकी टिकेट का किराया रिफंड कर दिया जाएगा. इसके लिए यात्री को टिकेट लेने के 10 दिन के बीच में ऑनलाइन टीडीआर भरना होगा. यात्री को ओरिजनल टीटीई प्रमाणपत्र IRCTC को भेजना होगा. इसके पश्चात उसको पूरा किराया रिफंड कर दिया जाएगा.

रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि नई गाइडलाइन्स के अनुसार यात्री को स्टेशन पर डेढ़ घंटे पहले पहुंचना होगा ताकि उसकी स्क्रीनिंग व जांच की जा सके. अगर जांच के दौरान उसमे कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया जाता तो उसको स्टेशन पर प्रवेश करने की अनुमति दे दी जाएगी. साथ ही सफ़र के दौरान हर यात्री के चेहरे पर मास्क होना आवश्यक किया गया है. साथ ही सभी यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों अनुसार बिठाया जाएगा.

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