चार बार हुए UPSE में असफल तो मान ली थी हार – फिर दोस्तों की प्रेरणा से बन गये IPS अफसर

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IPS Success Story (Naveen Narwana): IPS बनना बच्चों का खेल नहीं है. इसकी परीक्षा दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से सेक मानी जाती है. ऐसे में पास होने के लिए हमे रात दिन पढ़ाई करनी पडती है और कईं प्रकार के पापड़ बेलने पड़ते हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो दिन-रात मेहनत करके भी आईपीएस बनने में फेल हो जाते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे ऑफिसर की कहानी बता रहे हैं, जिसे पढ़ कर आप भी मोटिवेट हो जाएंगे. इस आईपीएस ऑफिसर ने एक बार नहीं बल्कि 4 बार परीक्षा में हार प्राप्त की और पांचवी बार जा कर इनके हाथ सफलता लगी. आईये जानते हैं आखिर यह शख्स कौन हैं…

55 रैंक के साथ क्लियर की परीक्षा

आज हम जिस शख्स की कहानी बता रहे हैं, उनका नाम है अक्षत कौशल. अक्षत ने साल 2017 में पांचवे अटेम्प्ट में सिविल सर्विसेस की परीक्षा को 55 रैंक के साथ पास किया था. हालाँकि इस परीक्षा के लिए इतने अटेम्प्ट आम बात है लेकिन इनकी स्टोरी इससे भी थोड़ी हट कर है. दरअसल अक्षत ने चौथी बार फेलियर हाथ लगने पर आईपीएस बनने का सपना त्यागने की सोच ली थी. उन्होंने फैसला ले लिया था दोबारा वह इस रास्ते कभी नहीं आएंगे. लेकिन उनके तीन दोस्तों ने उनसे कुछ ऐसा कहा कि वह शब्द उनके कानों में ‘गोल्डन वर्ड्स’ बन गए और उन्होंने एक बार फिर से परीक्षा देने का फैसला कर लिया.

दोस्तों की बात ने बदली लाइफ

अक्षत कौशल ने साल 2012 में ही यूपीएससी की तयारी करना शुरू कर दिया था. इसके लिए उन्होंने कोचिंग भी हासिल की और हर साल अटेम्प्ट करते रहे. चार साल तक हार के बाद उनकी हिम्मत ने उनका साथ छोड़ दिया और उन्होंने आईपीएस बन्ने का सपना छोड़ दिया. लेकिन तभी उनकी मुलाकात उनके तीन दोस्तों से हुई और उन्होंने एक बार फिर से अक्षत को जीने की उम्मीद दे दी. अक्षत के पांचवें अटेम्प्ट में उनके पास केवल 17 दिन ही बचे थे ऐसे में उन्होंने सब कुछ भुला कर पढाई की और अच्छे नंबर्स से अपना सिलेक्शन करवाया.

कईं बार दोस्त देते है सही सलाह

अक्षत के अनुसार जिंदगी में कईं बार जब हम हार मान जाते हैं तो हमारे दोस्त हमारे लिए लकी चार्म बन कर सामने आते हैं. कईं बार हमारे दोस्तों को हमारी वह प्रतिभा दिख जाती है, जिसे हम नहीं पहचान पाते. ऐसे में अक्षत के दोस्तों ने उन्हें चार बार हार मिलने के बाद एक बार फिर से कोशिश करने की सलाह दी और वह कोशिश उनकी रंग लायी. आज अक्षत के इलावा उनका एक और दोस्त इस परीक्षा को क्लियर आउट कर चुका है. अक्षत देश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन कर सामने आए, जो प्रयासों के बाद हार मान लेते हैं. लेकिन अक्षत ने साबित कर दिखाया कि यदि आपमें समझ है और मेहनत करने की शक्ति है तो आप सफलता को आसानी से पा सकते हैं.

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