बाजार में बिक रही नकली कोरोना दवा – ऐसे करें पहचान

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जैसे ही महामारी का प्रकोप बढ़ने लगा वैसे-वैसे इंसान का ईमान भी घटने लगा। चुनाव के समय तो नेता जनता के भाई, चाचा और दादा तक बन जाते हैं लेकिन जितने के बाद कोई नजर नहीं आता। नेताओं की बात छोड़िए यहाँ इंसानों ने भी अपना ईमान बेच दिया हैं। ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी हो रही हैं। 20-30 रुपए की क़ीमत वाला मास्क 250-300 में बेच रहें हैं। नक़ली चीजों की भरमार हैं।

बाजार में आयी नक़ली दवा

दिल्ली पुलिस अधिकारी मोनिका भारद्वाज ने ट्विटर पर एक पोस्ट साँझा करते हुए बताया कि कोरोना वायरस के मरीजों को नकली रेमेडिसविर इंजेक्शन तैयार करके बाजार में उतारा गया हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस दवा से सावधान रहें।

PIB Fact Check द्वारा भी ट्वीट करके इसकी जानकारी दी गयी हैं। आपको बता दें की दिल्ली पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि “कोविपरी” नाम से कोई भी रेमेडिसविर इंजेक्शन मौजूद नहीं है कृपया इसे ना ख़रीदें। दिल्ली पुलिस ने इस रैकेट का भंडाफोड़ किया है, लेकिन कुछ इंजेक्शन अभी भी चलन में हैं।

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