रेहड़ी लगाने वाला मनोज कुमार कैसे बना IAS अफसर – सक्सेस स्टोरी

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आज के समय में हर कोई व्यक्ति अच्छे से अच्छा खान-पान, रहन-सहन इत्यादि चाहता है। लेकिन कोरोना की वजह से बढ़ती हुई मंहगाई ने लोगों के जीवन पर बहुत ही गहरा प्रभाव डाल दिया है। पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं के सपने उनको हर छोटे से छोटा कार्य करने को मजबूर कर देता है। इसी बीच बिहार के एक छोटे से गांव के रहने वाल मनोज कुमार राय समाज के सामने एक प्रेरणा का स्त्रोत बनकर आए हैं। इस शख्स ने गरीबी का सामना करते हुए दिन रात संघर्ष किया और अपने सपने को पूरा किया। मनोज कुमार सैकड़ों युवाओं के लिए सफलता का एक आइना बनकर आए हैं।

मनोज ने अपनी जीवन के बारे में बताते हुए सुनाया कि बचपन से वह कुछ बड़ा करने की चाह रखते थे। इसी चाह ने उसे गांव से शहर की ओर रूख कर दिया। यह पढ़ाई करने के साथ-साथ देश का सीनियर अधिकारी यानि आईएएस ऑफिसर बनना चाहते थे। गरीबी की वजह से दिल्ली जैसे बड़े शहर में गुजारा कर पाना कठिन था। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ कोचिंग लेनी शुरू कर दी। गांव से आया सारा पैसा पढ़ाई में ही लग जाता था, जिससे उनको गुजारा करने में भी दिक्कत आती थी। इसी बीच उन्होंने कुछ काम-धंधा करने की सोची और वहीं दिल्ली में ही अंडे बेचने की रेहड़ी लगा ली। उन्होंने इसके साथ-साथ फल व सब्जियों को बेचने का काम भी शुरू किया और कमाया हुआ सारा पैसा अपनी कोचिंग व पढ़ाई में लगा दिया।

उन्होंने एक बात अपनी दिमाग में हमेशा के लिए बनाए रखी कि उसे एक दिन देश का सीनियर अधिकारी बनना है। इसी सोच को लिए हुए उन्होंने छोटे-से-छोटा कार्य भी किया। उन्होंने दफ्तरों में भी झाड़ू पोच्छा लगाने का काम किया। उनका मानना था कि उनकी मेहनत एक दिन उनको एक अच्छे प्रतिष्ठित पद के किसी दफ्तर में जरूर पहुंचाएगा। उनकी यही मेहनत एक दिन सफल हुई और अपनी मेहनत का फल उन्हे मिल गया। मनोज ने साल 2010 में चौथे प्रयास में ही युपीएससी की परीक्षा पास की और वर्तमान में भारतीय आयुध निर्माणी सेवा अधिकारी के तौर पर कार्यभार संभाल रहे हैं और अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनोज ने ऑल ऑवर इंडिया में 870वीं रैंक हासिल कर के

अपना अफसर बनने का सपना पूरा कर दिखाया

मनोज कुमार अपने आप में एक चुनौती है और अपने आप में युवाओं के लिए एक प्रेरणा बनकर उभरे हैं। इसके साथ-साथ मनोज कुमार बिहार में छात्रों को युपीएससी की कोचिंग भी देते है, जो कि बिल्कुल निःशुल्क है। इनसे कोचिंग हासिल कर लगभग 45 विद्यार्थियों ने बिहार लोक सेवा परीक्षा जैसी परिक्षाओं को पास कर उनका नाम रोश किया है। मनोज कुमार का यह संघर्ष पूर्ण जीवन अपने आप में मिसाल है और मेहनत करने वाले बच्चों के लिए आदर्श का कार्य करता है। (Report By srbpost)

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