भारत-चीन विवाद: 17 दिन पहले पैदा हुई थी बेटी – शहीद बाप चेहरा तक ना देख पाया

170

भारत-चीन सीमा पर पिछले कई दिनों से विवाद बढ़ गया हैं. लद्दाख के गलवान घाटी में भारतीय व चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में झारखंड के साहेबगंज जिले के दीहारी गांव का बेटा कुन्दन कुमार ओझा शहीद हो गए. उपायुक्त वरुण रंजन ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन को भारतीय सेना की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई. उपायुक्त वरुण रंजन ने बताया की सेना के एक सूबेदार ने उन्हें फोन कर कुंदन कुमार ओझा के शहीद होने की सूचना दी है.

आपको बता दें कि कुंदन (26 वर्षीय) 2011 में बिहार रेजिमेंट कटिहार में भर्ती हुए थे. पिता किसान हैं, जवान कुंदन की 2017 में सुल्तानगंज स्थित नीरहटी गांव की नेहा से शादी हो गयी व अभी 17 दिन पहले ही शहीद कुंदन बाप बने थे. दुःख भरी बात ये हैं कि शहीद जवान कुंदन ने अपनी बच्ची का चेहरा तक नहीं देख पाए थे.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए कहा कि “जब जब देश की सीमा, संप्रभुता पर हमला हुआ है, झारखंडी सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति दे उसकी रक्षा की है। चीनी अतिक्रमण को मूंहतोड़ जवाब देते हुए झारखंड के वीर सपूत कुंदन कुमार ओझा शहीद हुए।साहिबगंज जिले के डिहारी गांव के एक कृषक परिवार से आने वाले कुंदन जी के शहादत को शत शत नमन”

Previous articleअब इस सस्ती दवा से होगा कोरोना का इलाज – बच रही लोगों की जान
Next articleआज सामने आए 560 मामले – मरने वालों कि संख्या 130 तक पहुँची