जानिए क्या करते हैं बाबा रामदेव के पिता रामनिवास यादव – पूरी कहानी

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भारत में योग गुरु की पहचान बनाने वाले बाबा रामदेव को भला आज कौन नहीं जानता. इन्होने अपने पतंजली ब्रांड से पूरी दुनिया में धमाल मचा रखी है. आयुर्वेद व् देसी प्रोडक्ट्स का सही इस्तेमाल करके पतंजली में हर चीज़ हमे शुद्ध मोहैया करवाने के पीछे बाबा रामदेव का ही हाथ है. बाबा रामदेव के पास आज के समय में पैसे और नाम की कोई कमी नहीं है. लेकिन इसके बावजूद भी उनका परिवार बेहद सरल व् साधारण जिंदगी व्यतीत करता है. महेंद्रगढ़ जिले के रामकृष्ण यादव की बाबा रामदेव बनने की कहानी बेहद दिलचस्प है. जब बाबा 9 साल के थे तो वह घर छोड़ कर खानपुर के एक गुरुकुल में शामिल हो गए.

वहीँ उनके घरवालों की बात की जाए तो आज भी उनके परिजन खेती करके अपनी गुजर-बसर कर रहे हैं. बाबा रामदेव की माँ गुलाबो देवी और पिता रामनिवास यादव आज भी खेती-किसानी के भरोसे जिंदगी काट रहे हैं. बता दें कि बाबा रामदेव ने गुरु आचार्य बलदेव जी से संस्कृत, व्याकरण और योग की शिक्षा हासिल की थी. बाबा रामदेव के बड़े भाई देवदत्त का परिवार आज सैयद अलीपुर गाँव में रह रहा है. इसी जगह पर बाबा रामदेव का भी जन्म हुआ था. हालाँकि देवदत्त पहले सीआरपीएफ में थे लेकिन अब वह गाँव में खेतीबाड़ी कर रहे हैं.

बाबा रामदेव के छोटे भाई का नाम राम भरत है. राम भरत भी पतंजली का एक हिस्सा हैं. वह हरिद्वार से कंपनी का काम देखते हैं. वह काम की साड़ी जानकारियां बाबा रामदेव और सीईओ आचार्य बालकृष्ण को देते हैं. इसके साथ ही कंपनी में हायरिंग से लेकर मैनेजमेंट का जिम्मा भी वही सँभालते हैं. बता दें कि बाबा रामदेव ने बचपन में ही सन्यास ले कर आचार्य बालकृष्ण की शरण ले ली थी. उनकी आचार्य जी से भेंट साल 1990 में एक गुरुकुल में हुई थी. दोनों की दोस्ती ने ऐसा तूल पकड़ा कि आज दोनों पतंजली ब्रांड में भागीदार हैं.

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