जानिए फाइनल ईयर के एग्जाम होंगे या नहीं – सुप्रीम कोर्ट कब सुनाएगा इसपर फैसला

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कोरोना काल के दौरान सभी शिक्षा संस्थानों को बंद रखा गया है. हालाँकि यूजीसी ने अभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी के पेपर रद्द करवाने के बारे में कोई टिप्पणी नहीं दी है. लेकिन बच्चों के माता-पिता लगातार यह मांग कर रहे हैं कि उनके बच्चों को इस बार बिना एग्जाम के ही डिग्री दे दी जाए. हालाँकि यूजीसी इस बारे में काफी सख्ती बरत रहा है इसलिए यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट के हवाले कर दिया गया है.

कोर्ट में स्टूडेंट्स और उनके माता-पिता की तरफ से यह दलील पेश की गई है कि अगर इस साल छात्रों की स्टडी ही नही हुई है तो बिना पढ़े वह कैसे पेपर दे सकते हैं. लेकिन वहीँ यूजीसी का इस मामले में कहना है कि वह छात्रों को बिना एग्जाम लिए किसी प्रकार की कोई डिग्री नहीं देंगे क्यूंकि इससे आगे चल कर स्टूडेंट्स के भविष्य पर असर पड़ सकता है. वहीँ अब सुप्रीम कोर्ट में चल रही इस मुद्दे की करवाई पूरी हो चुकी है और आज इस पर फैसला भी आ सकता है.

इस बारे में पीठ ने सभी राज्यों से यूजीसी को अपनी अंतिम दलीले पेश करने के लिए तीन दिनों का समय दिया था. अब सर्वोच्च अदालत ही यह तय करेगी कि यूजीसी के आदेश अनुसार बच्चों के एग्जाम लिए जाएंगे या फिर उन्हें इस बार बिना पेपर के ही पास कर दिया जाएगा. यूजीसी ने 22 अप्रैल 2020 और 6 जुलाई 2020 को इस बारे में कईं दिशा निर्देश जारी किए थे. इन निर्देशों के अनुसार 31 अगस्त तक कॉलेज और यूनिवर्सिटीज की परीक्षाएं होनी थी. जबकि दूसरी गाइडलाइन्स के अनुसार अब यह परीक्षाएं 30 सितंबर तक ली जा सकती हैं.

बता दें कि इस बार बैचलर्स डिग्री के पैटर्न में भी बदलाव किए जा रहे हैं. सभी बैचलर डिग्रीयों में नामांकित छात्रों के लिए वोकेशनल पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाए जा रहे हैं. साथ ही ‘लोक विद्या’, अर्थात, भारत में विकसित महत्वपूर्ण व्यावसायिक ज्ञान, व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में एकीकरण के माध्यम से छात्रों के लिए सुलभ बनाया जाएगा

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