नरवाना बस स्टैंड पर समस्याओं का ढ़ेर लगा पड़ा हैं

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संसार क्रान्ति (नवीन नरवाना): 1984 में बने नरवाना बस स्टैंड पर समस्याओं का ढेर लगा पड़ा हैं. नरवाना बस अड्डे पर बारिश के बाद 1 फुट तक पानी भर जाता हैं. पानी की निकासी का ना कोई रास्ता हैं और ना कोई साधन हैं. इसी वजह से पानी अपने आप ही सुख कर ही खतम हो सकता हैं. लेकिन पानी सूखने की इस प्रक्रिया के दौरान पानी बुरी तरह से सड़ जाता हैं जिससे बदबूदार माहौल हो जाता हैं.

पानी की वजह से परेशान यात्री

वैसे तो प्रदेश सरकार नम्बर #1 हरियाणा होने के दावे करती हैं. मगर आस-पास की समस्याओं की तरफ ध्यान दें तो समस्याओं के मामले में हरियाणा नम्बर #1 हो सकता हैं. नरवाना बस स्टैंड के पब्लिक गेट पर जल भराव हैं. बात जल भराव तक ठीक हैं क्योंकि यहाँ कल तेज बारिश हुई थी और बारिश के बाद जल भराव आम बात हैं. मगर यहाँ सफाई सबसे बड़ी समस्या हैं. बस अड्डे के सवारी गेट पर कीचड़ व प्लास्टिक के ढेर लगे पड़े हैं. अगर कोई निकासी का साधन भी होता तो प्लास्टिक और कीचड़ से वह भी खत्म हो जाता.

बस स्टैंड पर पानी जमा के होने के कारण यात्रियों को पानी में ही उतरना पड़ता हैं. बस स्टैंड पानी निकालने के लिए एक वाटर डिस्पोजल प्लांट लगाया गया था जिसपर ताला लटका पड़ा हैं. यात्रियों नें संसार क्रान्ति से बातचीत में कहा की बस स्टैंड प्रशासन को इस समस्या के लिए कोई कठोर कदम उठाना चाहिए. प्रशासन को इस प्रकार की सार्वजनिक जगहों पर कोई समस्या पैदा ही नहीं होने देनी चाहिए. जब भी बस स्टैंड पर पानी भर जाता हैं तब उसे हर बार मोटर से बाहर निकाल दिया जाता हैं मगर यह परमानेंट समाधान नहीं हैं.

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