लोग 12 हजार में बेच रहें हैं 899 का कोरोना टीका – 6 गिरफ्तार

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कोरोना अब भारत में नया रूप ले चुका हैं। इसके बचाव के लिए कई कम्पनियों द्वारा कोरोना वैक्सीन का निर्माण किया गया हैं जोकी सरकारों द्वारा मुफ़्त में भी मुहैया करवाई जा रही हैं। अब जब कोरोना का प्रकोप ज़्यादा बढ़ रहा हैं तो लोगों के कोरोना वैक्सीन की कालाबाज़ारी शुरू कर दी हैं। कोरोना का एक टीका जिसका नाम रेमडेसिविर हैं और जिसकी क़ीमत मात्र 899 रुपए हैं। वह मार्केट में 12,000 रुपए का बेचा जा रहा हैं।

गुजरात पुलिस के ऐसे 6 कालाबाज़ारी करने वालों को गिरफ्तार कर रहा हैं जो इस टीके को 12 हजार में बेच रहें थे। आज तक में छपी एक खबर के मुताबिक कोविड मरीजों के लिए जीवनरक्षक कहे जाने वाला टीका रेमडेसिविर जिसकी बाज़ार में कीमत 899 रुपये है। लेकिन दवाइयों की कालाबाजारी करने वाले लोग एक इंजेक्शन को ब्लैक में 12 हजार रुपये प्रति टीका बेच रहे हैं। भारत में कोरोना का प्रकोप जिस तेज़ी से बढ़ रहा है, कोविड के गंभीर मरीजों के लिए यह रेमडेसिविर इंजेक्शन बेहद ज्यादा जरूरी है और इसकी भारी कमी देखने को मिल रही है।

सूरत के पुलिस कमिश्नर अजय तोमर ने मीडिया से बातचीत में बताया की रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के कारण इसकी कालाबजारी जमकर हो रही है। पिछले कुछ दिनों से पुलिस को सूत्रों से गुप्त सूचना मिल रही थी। जिसके बाद पुलिस ने नकली ग्राहक बनकर छानबीन शुरू की और इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफ़ाश किया।

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