लोग अभी तक उड़ा रहें कोरोना का मजाक – लेकिन इतनी मौतें हुई हैं कि श्मशान घाटों में नहीं बची जगह

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Naveen Narwana:- कोरोना या Covid-19 पिछले साल यानी 2020 की शुरुआत में कोरोना भारत में आया था। उस समय यह इतना भयानक नहीं था। कुछ लोगों की जानें भी गयी और साथ में भय का माहौल भी पैदा हुआ। शुरुआत में हमारे स्वास्थ्य सिस्टम को इसे जानने में समय लगा। लेकिन अब जब इसकी दूसरी लहर आयी हैं तो यह भयंकर रूप से तांडव मचा रहा है। इसका अंदाजा मरीजों की मौत के बाद उनके अंतिम संस्कार के दौरान  लगी लाइनों से लगाया जा सकता है।

जब हम किसी को कोरोना से बचने के लिए मास्क व सोशल दूरी की बातें करते हैं तो लोग इन बातों को मज़ाक़ समझते हैं। लेकिन इसका असली रूप सामने आ गया हैं। बता दें की कोरोना से मरे मरीजों की लाश जलाने के लिए श्मशान घाटों में जगह नहीं बची हैं। परिजनों द्वारा इन लाशों को कहीं जमीन पर तो कहीं पर पार्किंग में जलाया जा रहा है। ऐसा दयनीय नजारा हरियाणा के सोनीपत व पंचकुला जिले में देखने को मिला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनीपत के Sector-15 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार की जगह नहीं बची हैं। बता दें कि शवों का दाह संस्कार कुंडों की बजाय खाली पड़ी जगह में करवाया जा रहा है। वहीं सोनीपत के नगर निगम कर्मचारियों पर कोरोना से हुई मौतों के संस्कार में ना पहुंचने के आरोप लग रहे हैं, जबकि कोविड 19 पॉजिटिव के मरीजों के शवों का दाह संस्कार नगर निगम के कर्मचारियों की देख-रेख में होना होता है।

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