PM मोदी के ‘जनता कर्फ़्यू’ का मतलब – क्या होगा 22 मार्च को ?

158

संसार क्रान्ति: भारत के प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के चलते एक कठोर कदम उठाया हैं. PM मोदी ने आज लाइव आकर भारत देश की जनता को संभोदित किया और कहा की आप मुझे कुछ हफ़्तों के लिए अपना बहुमूल्य समय दे दीजिए. PM मोदी ने कहा की अभी तक साइंस और डॉक्टर इस बीमारी का कोई टीका व दवाई नहीं खोज पाए हैं. इसीलिए कोरोना संकट से निपटने में नागरिकों की मुख्य भूमिका होगी. पूरे विश्व में कोरोना को लेकर भय का माहौल हैं. ऐसे में अगर भारत की जनता ये सोचती हैं की उन्हें कुछ नहीं होगा, ये सोचना कतई गलत हैं.

PM Narendra Modi ने जनता कर्फ़्यू लगाने की करी अपील

आज PM नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील की और कहा की रविवार कि सुबह 7 बजे से रात के 9 बजे तक लोग घरों से बाहर ना निकलें. प्रधानमंत्री मोदी ने सभी समाजसेवी संस्थाओं, NGO और लोगों से इस मुहिम में जुड़ने व मदद करने की अपील करी. आपको बता दें की भारत में फैल रहे कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री मोदी लगातार इसकी समीक्षा बैठकें कर रहें हैं.

PM मोदी ने बीतें मंगलवार को भाजपा के संसदीय दल की बैठक को संभोदित करते हुए कहा की जिन राज्यों में भाजपा विपक्ष की भूमिका निभा रही हैं, वहाँ 15 अप्रैल तक कोई भी आंदोलन न करें. अगर कोई जरूरी मुद्दा हैं तो केवल उसका ज्ञापन सौंपें. PM मोदी ने मीडिया की तारीफ में भी दो शब्द कहें. मोदी ने कहा की मीडिया के बड़े तबके ने भी कोरोना वायरस को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई हैं.

PM मोदी इससे पहले भी लोगों से एक अपील कर चुके हैं. PM मोदी ने लोगों से गैर-जरुरी यात्रा व विदेश ना जाने की अपील की थी. मोदी का कहना है की गैर-जरुरी यात्रा के दौरान हम लोगों के सम्पर्क में आते हैं. जिससे ऐसी बीमारी फैलने का खतरा ओर ज़्यादा बढ़ जाता हैं. इसके साथ ही पीएम मोदी ने ट्विटर पर कहा कि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कोशिश करेंगे.

Previous articleहरियाणा बोर्ड 10वीं और 12वीं के पेपर हुए रद्द
Next articleगुलजार की झूठी खबर से हिल गया सोशल मीडिया