हरियाणा की नदियाँ उफान पर – आसपास के इलाकों में बाढ़ की आशंका

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पिछले कई दिनों से उत्तर पूर्वी इलाकों के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश की वजह से हरियाणा की नदियों का पानी उफान पर आ गया है। जिससे हथनीकुंड बैराज पर अधिकतम 41561 क्यूसेक पानी का बहाव हुआ। इसके साथ-साथ सोमनदी के पानी का जलस्तर भी बढ़ गया है और यमुना नदी मे 23554 क्यूसेक पानी बहा। अब तक केवल 400 क्यूसेक के आसपास पानी का बहाव रहा। जिससे पश्चिमी यमुना नहर में 16504 व पूर्वी यमुना नहर में 1500 क्यूसेक पानी ही रहा। बारिश का यह क्रम लगातार अगले कुछ दिनों तक यूंही चलता रहेगा।

संसार क्रान्ति ने जब इन नदियों के आसपास रहने वाले लोगों से बातचीत की तो उन्होंने बताया की उनके इलाक़े में हर साल बाढ़ जैसे हालात रहते हैं। पिछले साल मारकंडा नदी उफान पर थी तो आसपास के इलाक़ों में पानी भर गया था। इससे किसानों को भी भारी नुक़सान का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया की यमुना और मारकंडा नदी में पहाड़ों से पानी आता हैं जोकी हरियाणा और दिल्ली राज्य में बाढ़ जैसे हालात पैदा करता हैं।

उधर जगाधारी क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी की वजह से लोगों को गर्मी से थोड़ा छुटकारा मिला है। साढौरा में 50, सरस्वती नगर में 5 व प्रतापनगर में 11 एमएम बारिश रिकोर्ड की गयी है। दिन भर काले बदरा आसमान में मंडराते रहे। जिससे अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। क्षेत्र में हल्की बूंदाबादी की वजह से लोगों के साथ-साथ फसलों पर भी लाभदायक प्रभाव पड़ा है। किसानों के अनुसार इस तरह की बारिश उनकी गन्ना और धान की फसल के लिए सिंचाई का अच्छा स्त्रोत साबित हुई है। कृषि विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों को मौसम के अनुसार फसलों में दवाई का छिड़काव करना चाहिए। छछरौली व रादौर में बारिश न होने की वजह से वहां के लोगों अभी कुछ ओर दिन गर्मी के मौसम को झेलना पड़ सकता है।

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