Rose Day पर किसानो का रोज (नीलगाय)

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संसार क्रांति: आज अंग्रेजों का त्योहार हैं जिसे रोज डें कहा जाता हैं. मगर आज हम उस ROSE की जगह खेतों वाले रोज के बारे में बात करेंगे. यह कोई खबर या ब्रेकिंग न्यूज नहीं केवल एक कहानी हैं. जो शायद आपको बहुत अच्छी लगेगी.

दिखने में बेहद शरीफ दिखने वाला यह जानवर नीलगाय कहलाता हैं. यह दिखने में तो बिलकुल शरीफ दिखाई पड़ता हैं लेकिन इसके कारनामे बड़े भयंकर हैं. मैं एक किसान हूँ मेरा सामना प्रतिदिन ही रोज से होता रहता हैं. इस जानवर कि वजह से मेरा ज़्यादातर समय खेतों में ही गुजरने लगा हैं. कई बार तो मुझे इस जानवर पर इतना ग़ुस्सा आता हैं की मन करता हैं की इसे जान से मा’र डालू. कुल मिलकर ये जानवर किसान के लिए अमरीश पूरी हैं. ये खेतों में आगे-आगे और मैं इनके पीछे-पीछे. मैं कितनी मेहनत करके फसल तैयार करता हूँ और ये हमेशा ही मेरा सत्यानाश करने को तैयार रहता हैं.

सड़क से भी इसे काफी लगाव हैं तभी तो इसकी वजह से प्रतिदिन हादसे होतें हैं. एक दिन मेरा बेटा मोटरसाइकिल से खेत में आ रहा था. फिर क्या था साहब ये मोटरसाइकिल के आगे आग्या और टकरा गया. मेरा बेटा बिना मोटरसाइकिल से उतरे खेत में पहुँच गया. अगर देखा जाए तो गलती इन बेचारों की भी नहीं हैं. भूख के कारण इन्हें खेतों की ओर रुख करना पड़ता हैं. आजतक समाज और प्रशासन नें भी इनके लिए कोई व्यवस्था नहीं की हैं. इनके नाम के पीछे गाय होने के बावजूद ये गाय नहीं हैं. गायों के लिए गोशाला खोली गयी है. लेकिन इनके लिए कुछ भी नहीं हैं. इनका नाम तो नीलगाय हैं मगर इनकी प्रजाति भेड़-बकरी और हिरण वाली हैं.

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