घौटला: सरकारी चावल को बाजार में बेच डाला, करोड़ों का नुकसान

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लॉकडाउन के इस मुश्किल दौर में हरियाणा में कईं तरह के घोटाले सामने आ रहे हैं. इससे पहले सोनीपत जिले में शराब का घोटाला हुआ था जोकि काफी समय तक सुखियों में बना रहा था. वहीँ अब प्रदेश के करनाल जिले से बड़ी ख़बर सामने आई है. दरअसल, इस बार करोड़ों रूपये के चावलों का घोटाला किया गया है. जानकारी के अनुसार राइस मिलरों ने 30 जून तक चावलों को सरकारी गोदामों में पहुँचाने की जगह उन्हें मार्किट में महंगे दामों में बेच दिया है. इस पूरे मामले में सरकार को लगभग 100 करोड़ रूपये से भी अधिक चुना लगाया जा चुका है.

सरकारी गोदाम में चावल जमा करने की बढ़ाई तारिख

कोरोना की इस महामारी को अहमियत देते हुए हरियाणा सरकार ने सभी राइस मिलरों को चावल जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून बताई थी. लेकिन बाद में इस तारिख को आगे बढ़ा कर 15 जुलाई कर दिया गया. लेकिन अब भी चावल मिल वाले इस स्तिथि में नहीं हैं कि वह चावल सरकारी गोदामों में जमा करवा सकें. बता दें कि करनाल में 316 राइस मिलें हैं जिनमे धान की कुटाई की जाती है. चावल ना जमा करवाने के पीछे लॉकडाउन कारण बताया जा रहा है लेकिन असलियत कुछ और ही है.

पिछले 45 दिन में काम था बंद

इस मौके पर जानकारी देते हुए करनाल राइस मिलर्स संगठन के प्रधान विनोद ने बताया कि उन्हें चावल मार्किट में बेचने को लेकर किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई थी. उन्होंने कहा कि पिछले 45 दिनों से चावल की मिल्स बंद थी इसलिए यहाँ काम भी पूरी तरह से बंद था. वहीँ जिला उपायुक्त निशांत यादव ने बताया कि अगर राइस मिलर्स ने चावलों को गोदाम में जमा करवाने की जगह बेचा है तो इस पर सख्त करवाई की जाएगी.

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