कोरोना की इस दवा का कोर्स 1.75 लाख रुपए का – कम्पनी बोली दवाई सस्ती हैं

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कोरोना वायरस पिछले कुछ समय से दुनियाभर में एक बड़ी आपदा बन कर सामने आया है. अब तक दुनियाभर में इस वायरस से करोड़ों लोग प्रभावित हो चुके हैं. वहीँ अब गिलीड साइंसेज (Gilead Sciences Inc) ने इसकी वैक्सीन को तैयार कर लिया है. बता दें कि कंपनी ने हाल ही में रेमडेसिवीर नामक दवाई बनाई है. जिसकी कीमत 390 डॉलर तय की गई है. सोमवार को कंपनी ने जारी किए एक बयान में कहा कि विकसित देशों में इस दवाई का मूल्य एक-सामान रहेगा.

रेमडेसिविर का खर्चा आम जनता को पड़ेगा भारी

हालाँकि कंपनी का यह दावा है कि उन्होंने रेमडेसिविर को एकदम सही मूल्य में लांच किया है लेकिन देखा जाए तो इसकी कीमत अदा करना आम जनता को भारी पड़ने वाली है. क्यूंकि 5 दिनके इलाज के दौरान कोर्स की कुल लागत 2,340 डॉलर यानि 1.75 लाख रूपये आएगी. एक दिन में 6 शीशी का इस्तेमाल किया जाता है. वहीँ कुछ मामलों में कोर्स की अवधि बढ़ा कर 10 से 11 दिन की जाती है. ऐसे में गरीब लोगों के लिए यह दवाई अफ्फोर्ड करना नामुमकिन सिद्ध होगा.

कमर्शियल यूसेज के लिए 520 डॉलर प्रति शीशी होगा मूल्य

इस मामले में जानकारी देते हुए गिलीड के मुख्य कार्यकारी डेनियल ओ’डे ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि वह पूर्ण रूप से कोशिश कर रहे हैं कि यह दवाई हर मरीज तक बिया किसी बाधा के पहुंचाई जा सके. ऐसे में इस दवाई का दाम सरकारी पद्दतियों के लिए 390 डॉलर प्रति शीशी रखा गया है जबकि अन्य प्राइवेट और कमर्शियल संस्थाओं के लिए एक शीशी का दाम 520 डॉलर रखा गया है. यानीं 5 दिन के कोर्स में इसकी लागत 3,120 डॉलर आ सकती है. वहीँ इस दवाई की बिक्री सामान्य डिस्ट्रीब्युशन चैनल के जरिए होगी.

रेमडेसिवीर से होगी जल्दी रिकवरी

गौरतलब है कि बहुत से देशों में covid-19 के इलाज के लिए रेमडेसिवीर का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है. रिजल्ट्स की माने तो यह दवाई मरीजों को दुगुनी तेज़ी से रिकवर करने में मदद करती है. इन्ही नतीजों को देखते हुए अमरीकी ड्रग रेगुलेटर ने दवाई की मंजूरी मई में दे दी थी. बता दें कि इसके इलावा भी अन्य देशों के विज्ञानी कोरोना की सस्ती व उत्तम वैक्सीन खोजने में जुटे हुए हैं.

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