जिस IAS अधिकारी पर अनिल विज ने कार्रवाई की सिफारिश की – चौटाला ने किया उसी अधिकारी का समर्थन

171

शराब घोटाले मामले में हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला आमने-सामने आ गये हैं। दरअसल शराब घोटाले में स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम की रिपोर्ट आने के बाद से ही हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने एक्साइज एंड टेक्सेशन कमिश्नर शेखर विद्यार्थी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। वहीं दुष्यंत चौटाला की प्रतिक्रिया अनिल विज के विपरीत दिखाई दी, बता दें कि शुक्रवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला शेखर विद्यार्थी के पक्ष में आ गए हैं।

क्या बोले दुष्यंत चौटाला

SET ने IAS शेखर विद्यार्थी पर कार्रवाई की वजह बताई की उन्होंने 27 मार्च को शराब ठेके बंद होने के लिखित आदेश जारी नहीं किए। जबकि शेखर विद्यार्थी ने जवाब दिया कि इसकी जानकारी उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अफसरों को दी गई थी। बता दें कि इसके बाद भी शराब के परमिट जारी हुए। इस पर डिप्टी सीएम का कहना है तमाम डीईटीसी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ठेके बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। मुझे नहीं लगता कि आदेश लिखित में देना अनिवार्य था। मैंने जो आदेश दिया था वह पहुंचा दिया गया। अधिकारी ने बेहतर तरीके से काम किया।

जानिए डिस्टलरी के निरीक्षण पर बातचीत

SET ने IAS शेखर विद्यार्थी को डिस्टलरी निरीक्षण के लिए कहा था लेकिन उसी समय IAS शेखर ने मना कर दिया। इस बात पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में लागू पंजाब एक्साइज एक्ट के तहत किसी भी अन्य व्यक्ति को डिस्टलरी में जाने की अनुमति ही नहीं है। इसके अलावा एसईटी ने इस संबंध में कोई लिखित कम्यूनिकेशन भी नहीं किया। इसके अलावा हम एक्ट का उल्लंघन भी नहीं कर सकते थे।

क्या हैं पूरा मामला

यह मामला हरियाणा के सोनीपत ज़िले के खरखौदा का हैं। जहां पर हरियाणा सरकार द्वारा पकड़ी गई शराब को एक गोदाम में रखा गया था। जिस गोदाम में शराब को रखा गया था, उस गोदाम के मालिक ने पुलिस के साथ मिलकर उसके ही गोदाम में चोरी करवाई और अवैध रूप से करोड़ों रुपये की विदेशी शराब बेच डाली। शराब घोटाला बाहर आने के बाद गृह मंत्री अनिल विज के आदेश पर होम सेक्रेट्री विजय वर्धन ने पूरे राज्य में जांच के लिए सीनियर आईएएस टीसी गुप्ता की अध्यक्षता में स्पेशल इंक्वायरी टीम गठित की थी। इसमें सीनियर IPS एडीजीपी सुभाष यादव को एक्साइज एंड टेक्सेशन डिपार्टमेंट के एडिशनल कमिश्नर विजय सिंह को शामिल किया गया। जिनके द्वारा यह रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंपी है।

Previous articleअब हरियाणा रोडवेज में सफर कर सकेंगी 52 सवारियां – पहले होगी थर्मल स्कैनिंग
Next articleकल मिल सकती हैं गर्मी से राहत – मानसून होगा सक्रिय