नई दिल्ली। देशभर में जारी CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन ने अब राष्ट्रीय राजनीति का रूप ले लिया है। छात्रों द्वारा परीक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। बुधवार को भी दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहा, जबकि संसद के भीतर विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा किया।
प्रदर्शन के बीच सरकार की ओर से संवाद के संकेत दिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की संभावना जताई गई है। हालांकि CJP का कहना है कि बातचीत किसी निष्पक्ष स्थान पर ही होगी और उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाए।

इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सरकार से जवाब मांगा है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आंदोलन अब केवल छात्रों का विरोध नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं के रोजगार, शिक्षा और सरकारी जवाबदेही जैसे बड़े मुद्दों का प्रतीक बन चुका है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता इस आंदोलन की दिशा तय कर सकती है।

