कानपुर, 29 जुलाई। उत्तर प्रदेश के कानपुर से साइबर सुरक्षा से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। IIT कानपुर के साइबर सिक्योरिटी कोर्स में दाखिला नहीं मिलने के बाद एक छात्र ने कथित तौर पर IIT कानपुर और IIT मद्रास की वेबसाइट में सेंध लगा दी। छात्र ने वेबसाइट पर एक संदेश भी छोड़ा, जिसमें उसने दावा किया कि उसे अपनी प्रतिभा साबित करने का सिर्फ एक मौका चाहिए।
बताया जा रहा है कि छात्र ने IIT कानपुर के बैचलर ऑफ साइबर सिक्योरिटी (B.Cyber.) कार्यक्रम में आवेदन किया था, लेकिन चयन सूची में जगह नहीं बना पाया। इसके बाद उसने कथित रूप से दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों की वेबसाइटों की सुरक्षा में खामी का फायदा उठाते हुए उन्हें एक्सेस कर लिया। घटना सामने आने के बाद मामला साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों तक पहुंचा।
आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाती है, लेकिन इस मामले में IIT कानपुर ने अलग रुख अपनाया। संस्थान ने छात्र के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उसकी तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन करने का फैसला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि छात्र का कौशल वास्तविक और उपयोगी पाया जाता है, तो उसे इंटर्नशिप या भविष्य में प्रवेश का अवसर देने पर विचार किया जा सकता है।

संस्थान का मानना है कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रतिभाशाली युवाओं को सही दिशा देना भी जरूरी है। हालांकि, IIT कानपुर ने यह भी स्पष्ट किया है कि वेबसाइट में अनधिकृत प्रवेश कानून का उल्लंघन है और छात्र के मामले में अंतिम फैसला पूरी जांच और आंतरिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लिया जाएगा।
यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। एक ओर लोग इसे असाधारण तकनीकी प्रतिभा का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिभा का इस्तेमाल हमेशा कानूनी और नैतिक दायरे में ही होना चाहिए। संस्थान की ओर से फिलहाल छात्र के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।


