कोटा, 29 जुलाई। राजस्थान के कोटा में पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को बाबा और साधु बताकर लोगों को अंधविश्वास के जाल में फंसाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य लोगों को अनहोनी का डर दिखाते, रुद्राक्ष देकर विश्वास जीतते और फिर कथित तौर पर उन्हें मानसिक रूप से अपने प्रभाव में लेकर नकदी व जेवर ठग लेते थे। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह पहले राह चलते लोगों से कहता था कि उनके ऊपर कोई बड़ा संकट मंडरा रहा है। इसके बाद वे कहते थे कि अगर उन्होंने “भेंट” नहीं चढ़ाई तो बड़ा अनर्थ हो जाएगा। डर और धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर वे पीड़ितों से पैसे और कीमती सामान ले लेते थे।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब रामपुरा कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि दो बाबा के वेश में आए लोगों ने उसे डराकर 5,500 रुपये ले लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान विट्ठलनाथ और गोविंद राणा के रूप में हुई है, जो पंजाब के बठिंडा के रहने वाले बताए गए हैं।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इसी तरह लोगों को निशाना बना रहे थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कोटा के अन्य थाना क्षेत्रों और दूसरे राज्यों में हुई ऐसी वारदातों में भी इनकी संलिप्तता रही है या नहीं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अजनबी बाबा, तांत्रिक या चमत्कार का दावा करने वाले व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि कोई डर दिखाकर पैसे, गहने या अन्य कीमती सामान मांगता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।


