

दोस्तों, जब जज़्बा वर्दी से भी बड़ा हो जाए… जब ड्यूटी और सपने एक साथ चलने लगें… तब इतिहास लिखा जाता है। और ऐसा ही इतिहास रचा है यूपी पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अस्मिता डे ने।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की इस बेटी ने जूडो के फाइनल में कनाडा की खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। जैसे ही जीत पक्की हुई, पूरे स्टेडियम में तिरंगा लहराने लगा और भारत का राष्ट्रगान गूंज उठा।
लेकिन इस जीत की सबसे खास बात सिर्फ गोल्ड नहीं है…
अस्मिता डे सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर भी हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से वो मुकाम हासिल किया, जिसका सपना हर खिलाड़ी देखता है।
गोल्ड जीतने के बाद अस्मिता डे ने कहा कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करना चाहती हैं, क्योंकि यूपी पुलिस में मिली नौकरी ने उन्हें आर्थिक और मानसिक सहारा दिया। इसी सहारे उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और आज देश के लिए गोल्ड जीतने में कामयाब रहीं।
ये सिर्फ एक मेडल की कहानी नहीं… बल्कि उस हौसले की कहानी है जो बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो वर्दी पहनने वाला भी दुनिया के सबसे बड़े मंच पर देश का नाम रोशन कर सकता है।
भारत की इस गोल्डन बेटी को आपका एक सलाम तो बनता है!


