नई दिल्ली: देश आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है।
राजधानी दिल्ली में सुबह से ही देशभक्ति का माहौल नजर आया। स्कूलों, सरकारी संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों पर तिरंगा फहराया गया। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देशवासियों को आजादी के पर्व की शुभकामनाएं दीं।

राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले राजघाट पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पीएम मोदी लाल किले के लिए रवाना हुए, जहां स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
लाल किले की प्राचीर से फहराया तिरंगा
लाल किले पर पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। तिरंगा लहराते ही पूरा माहौल देशभक्ति से भर गया। इस दौरान औपचारिक सेरेमोनियल बैटरी की ओर से प्रधानमंत्री को 21 तोपों की सलामी भी दी गई। इस समारोह में स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन का इस्तेमाल किया गया।
पीएम मोदी का देश के नाम संबोधन
तिरंगा फहराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के जज्बे और देशभक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि आज हर दिल ‘वंदे मातरम’ की लय से धड़क रहा है। उन्होंने कहा कि आज हर घर तिरंगा है और हर मन तिरंगा है।
रक्षा मंत्री ने किया पीएम मोदी का स्वागत
लाल किले पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए और देश के सामने अपना संबोधन रखा।
दिल्ली में दिखा देशभक्ति का खास नजारा
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में जगह-जगह तिरंगे के रंग देखने को मिले। लाल किले से लेकर राजघाट तक सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच राष्ट्रीय पर्व का आयोजन हुआ। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी लोगों ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता सेनानियों और देश के वीर सपूतों को याद किया।
आज का दिन भारत के इतिहास में बेहद खास है। आजादी के 80वें साल में देश न सिर्फ अपने गौरवशाली अतीत को याद कर रहा है, बल्कि भविष्य के भारत के संकल्प को भी मजबूत कर रहा है। लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन और तिरंगे का गौरवपूर्ण ध्वजारोहण इसी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बना।
