Himachal Pradesh Weather: लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, मंडी-कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित; अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण 118 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। वहीं मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को पांच जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण सड़क, बिजली और पेयजल जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

मंडी में सबसे ज्यादा सड़कें बंद
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के आंकड़ों के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण कुल 118 सड़कें बंद हैं। इनमें सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू में देखने को मिला है।
मंडी में 48 सड़कें बंद
कुल्लू में 32 सड़कें बंद
चंबा में 11 सड़कें प्रभावित
सिरमौर में 8 सड़कें बंद
शिमला में 7 सड़कें प्रभावित
कांगड़ा में 6 सड़कें बंद
ऊना में 4 सड़कें प्रभावित
लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें बंद
सड़कों के बंद होने से पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसका असर स्थानीय लोगों के साथ-साथ हिमाचल घूमने पहुंचे पर्यटकों पर भी पड़ रहा है।
धर्मशाला में 96.2 MM बारिश
कांगड़ा जिले में शनिवार शाम से मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी है। धर्मशाला में 96.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पालमपुर में 55 मिलीमीटर और कांगड़ा में 34.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ गया है।
पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों में सोमवार और मंगलवार को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों को सतर्क रहने की जरूरत है।
भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
216 जलापूर्ति योजनाएं और 19 ट्रांसफार्मर प्रभावित
भारी बारिश का असर सिर्फ सड़क यातायात तक सीमित नहीं है। राज्य में 216 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा बारिश के कारण 19 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। इससे कई इलाकों में पेयजल और बिजली आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।
मानसून में अब तक 79 लोगों की मौत
अधिकारियों के मुताबिक, 30 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 79 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 14 मौतें भूस्खलन और एक मौत फ्लैश फ्लड से हुई है। राज्य को बारिश और इससे जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं से करीब 972 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
पर्यटकों के लिए भी बढ़ी परेशानी
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच पर्यटकों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कई सड़कें बंद होने और भूस्खलन के खतरे के चलते यात्रा प्रभावित हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों के पास जाने से बचना जरूरी है।
प्रशासन प्रभावित सड़कों को खोलने और जरूरी सेवाओं को बहाल करने में जुटा है। हालांकि, मौसम खराब रहने की स्थिति में राहत और बहाली के काम में भी चुनौतियां बनी रह सकती हैं।
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