केंद्र सरकार ने सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर एक साथ कई बड़े फैसले किए हैं। मोदी कैबिनेट ने 5 अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत 13,041 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनमें बिहार में बनने वाला फोर लेन हाईवे और चार बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। यानी आने वाले समय में बिहार से लेकर पूर्वी और दक्षिणी भारत तक कनेक्टिविटी का नेटवर्क और मजबूत होने वाला है।

बिहार में बनेगा 4 लेन हाईवे, सफर होगा और आसान
कैबिनेट के फैसले के बाद बिहार में मुजफ्फरपुर-सोनबरसा के बीच फोर लेन हाईवे बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 3,591 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। खास बात यह है कि इस रूट से यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुजफ्फरपुर से सोनबरसा का सफर करीब दो घंटे के बजाय लगभग एक घंटे में पूरा हो सकता है।
इस हाईवे का रूट नेपाल बॉर्डर की ओर भी कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। इससे स्थानीय कारोबार, माल परिवहन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। परियोजना को करीब 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।
रेलवे नेटवर्क को भी मिला बड़ा बूस्टर
सड़क के साथ रेलवे को लेकर भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है। चार रेलवे लाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनमें खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन, भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन, गुम्मिडिपुंडी-गुदुर तीसरी और चौथी लाइन तथा कटक-पारादीप तीसरी और चौथी लाइन परियोजनाएं शामिल हैं।
13,041 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश
इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत 13,041 करोड़ रुपये बताई गई है। खड़गपुर-भद्रक परियोजना पर 3,352 करोड़ रुपये, भद्रक-हरिदासपुर पर 1,583 करोड़ रुपये, गुम्मिडिपुंडी-गुदुर पर 2,229 करोड़ रुपये और कटक-पारादीप परियोजना पर 2,286 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
बिहार से लेकर पूर्वी भारत तक होगा असर
इन प्रोजेक्ट्स का मकसद सिर्फ नई सड़क या रेल लाइन बनाना नहीं है, बल्कि मौजूदा परिवहन नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना भी है। रेलवे परियोजनाओं से महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ने और पोर्ट, उद्योग तथा संसाधन क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है।
यानी मोदी कैबिनेट के इस फैसले से हाईवे पर रफ्तार और रेलवे में कनेक्टिविटी—दोनों को एक साथ बड़ा बूस्ट मिलने जा रहा है। बिहार के लिए फोर लेन हाईवे और अन्य राज्यों के लिए नए रेल प्रोजेक्ट आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास और कारोबार को नई गति दे सकते हैं।
