दिल्ली में इन दिनों एक ऐसा अनोखा मुकाबला चर्चा में रहा, जिसमें नेता नहीं बल्कि शहर के भारी-भरकम डॉग्स मैदान में थे। हौज खास के SDA मार्केट की मशहूर स्ट्रीट डॉग गोला ने इस प्रतियोगिता में जीत दर्ज की, लेकिन सबसे भावुक करने वाली बात यह रही कि नतीजे आने से पहले ही गोला की मौत हो गई। आगे पढ़ें पूरी खबर।

64 डॉग्स के बीच हुआ अनोखा मुकाबला
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से कुल 64 डॉग्स को इस अनोखी प्रतियोगिता में शामिल किया गया था। मकसद दिल्ली के सबसे भारी-भरकम यानी ‘फैट डॉग’ का चुनाव करना था। करीब दो सप्ताह तक चले इस मुकाबले में लोगों ने अपने पसंदीदा डॉग के लिए जमकर वोट किए।
गोला को मिले हजारों वोट
हौज खास की गोला ने साकेत के डॉग गूगू समेत अन्य प्रतियोगियों को पीछे छोड़ते हुए खिताब अपने नाम किया। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार गोला को ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटिंग मिलाकर 66,954 वोट मिले, जबकि गूगू को 27,046 वोट मिले। गोला करीब 75 किलो वजनी थी और SDA मार्केट में काफी लोकप्रिय थी।
जीत से पहले गोला की मौत
इस पूरे मुकाबले की सबसे भावुक बात यह रही कि प्रतियोगिता के दौरान ही गोला की अचानक मौत हो गई। इसके बावजूद उसका नाम प्रतियोगिता में बना रहा और लोगों ने उसे वोट देना जारी रखा। नतीजे आने के बाद गोला को विजेता घोषित किया गया।
ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन वोटिंग भी
प्रतियोगिता सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही। आयोजकों ने ऑनलाइन वोटिंग के साथ दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ऑफलाइन मतदान केंद्र भी बनाए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, एक हजार से ज्यादा लोगों ने ऑफलाइन वोटिंग में भी हिस्सा लिया।
गूगू ने सेमीफाइनल में तारा को हराया
फाइनल मुकाबले में पहुंचने से पहले गूगू ने सेमीफाइनल में तारा को हराया था। इसके बाद फाइनल में उसका मुकाबला गोला से हुआ। गोला के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पोस्ट, मीम्स और प्रचार के जरिए उसके लिए समर्थन जुटाया।
प्रतियोगिता से पशु कल्याण को भी मदद
इस आयोजन के दौरान प्रतियोगिता में शामिल डॉग्स के लिए कई तरह के इनाम और मदद का ऐलान किया गया। इनमें खाने, बिस्तर, कॉलर और मेडिकल जरूरतों से जुड़ी सहायता शामिल है। कुछ सहायता पशु आश्रयों और सड़क पर रहने वाले डॉग्स तक पहुंचाने की भी बात कही गई।
एक इंस्टाग्राम पेज से शुरू हुआ सफर
रिपोर्ट के मुताबिक, इस अनोखे आयोजन की शुरुआत दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा द्वारा बनाए गए इंस्टाग्राम पेज से हुई थी। शुरुआत में इस पेज पर दिल्ली के भारी-भरकम डॉग्स की तस्वीरें साझा की जाती थीं। बाद में इसे प्रतियोगिता का रूप दिया गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ गए।





