हरियाणा के गुरुग्राम में बाबा बालकनाथ मंदिर पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। शुक्रवार सुबह सूरज निकलने से पहले ही भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मंदिर के एक हिस्से को तोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासन ने इसे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बताया है। आगे पढ़ें पूरी खबर…

सुबह-सुबह चली बुलडोजर कार्रवाई
प्रशासन की टीम सुबह तड़के जेसीबी और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। मंदिर परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। इसके बाद बुलडोजर से निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई
विरोध में उतरे स्थानीय लोग
कार्रवाई की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए। लोगों ने मंदिर तोड़े जाने का विरोध किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
प्रशासन ने क्या कहा?
प्रशासन का कहना है कि मंदिर का जिस हिस्से पर कार्रवाई हुई, वह सरकारी जमीन पर बना अतिक्रमण था। तय प्रक्रिया के तहत नोटिस देने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
इलाके में तनाव, पुलिस अलर्ट
मंदिर पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।





