एक मुलाकात… फिर अचानक गायब हो गया HR मैनेजर। परिवार इंतज़ार करता रहा, लेकिन सच सामने आया तो हर कोई सन्न रह गया। 7 घंटे तक कार में लाश पड़ी रही, फिर उसे ठिकाने लगाने की साजिश रची गई। आखिर उस रात क्या हुआ? आगे पढ़ें पूरी खबर।

क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के सरिता विहार निवासी 31 वर्षीय युवराज सिंह मनचंदा एक निजी कंपनी में HR प्रोफेशनल थे। 6 सितंबर को वह अपनी बहनों के साथ लाजपत नगर गए थे। वहीं उन्हें पूर्व महिला सहकर्मी का फोन आया और वह “जरूरी मीटिंग” बताकर गुरुग्राम के लिए निकल गए। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे।
7 घंटे तक कार में पड़ा रहा शव
पुलिस के मुताबिक, गुरुग्राम में मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ। आरोप है कि महिला और उसके पार्टनर ने युवराज की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को तुरंत नहीं फेंका गया, बल्कि करीब 7 घंटे तक कार में रखा गया। बाद में रात के समय शव को सेक्टर-70 इलाके के एक नाले में फेंक दिया गया।
दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर भेजे गए
जांच के दौरान CCTV फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी सबूतों की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने युवराज की पूर्व महिला सहकर्मी और उसके पार्टनर को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। दोनों फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
हत्या की वजह क्या थी?
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि युवराज और महिला के बीच पैसों के लेन-देन और पुराने विवाद को लेकर तनाव था। हालांकि पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
परिवार को कैसे चला पता?
युवराज के लापता होने के बाद परिवार ने दिल्ली पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में गुरुग्राम में मिले अज्ञात शव की पहचान युवराज के रूप में हुई। परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर जानकारी नहीं मिली, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया।




