भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 24 सितंबर को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1,200 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 380 अंकों से अधिक टूटकर 23,100 के नीचे पहुंच गया। कारोबार खत्म होने पर BSE Sensex 1,247.71 अंक यानी करीब 1.67 फीसदी की गिरावट के साथ 73,580.54 पर बंद हुआ। वहीं, Nifty 50 383.70 अंक यानी करीब 1.64 फीसदी गिरकर 23,063.10 पर बंद हुआ। आगे पढ़ें पूरी खबर।

तीन महीने के निचले स्तर पर बाजार
गुरुवार की बिकवाली इतनी व्यापक रही कि सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 73,563.92 और निफ्टी 23,061.15 के स्तर तक फिसल गया। दोनों प्रमुख सूचकांक करीब तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गए।
बाजार में बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर खास दबाव देखने को मिला। बजाज फाइनेंस का शेयर 6 फीसदी से ज्यादा और एक्सिस बैंक का शेयर 5 फीसदी से अधिक गिरा। इससे प्रमुख सूचकांकों पर भी दबाव बढ़ा।
आखिर क्यों टूटा शेयर बाजार?
1. अमेरिका में बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल
शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी रही। अमेरिकी 10-year Treasury yield करीब 5.11 फीसदी तक पहुंच गई, जो 2007 के बाद का ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। वहीं, 2-year Treasury yield भी कुछ समय के लिए 4.9 फीसदी के ऊपर चली गई।
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों के लिए फिक्स्ड-इनकम एसेट्स का आकर्षण बढ़ सकता है। इसका असर उभरते बाजारों के शेयरों पर भी पड़ सकता है। साथ ही, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति प्रभावित हुई।
2. कच्चे तेल की कीमत फिर 100 डॉलर के पार
कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ाई। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत के लिए अहम है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है।
महंगा क्रूड भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ा सकता है। ऐसे में तेल की कीमतों में तेजी का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी दिखाई दिया।
3. कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर
अमेरिकी बाजारों में कमजोरी और एशियाई बाजारों में दबाव का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी पड़ा। गुरुवार को हांगकांग का हैंगसेंग और शंघाई कंपोजिट भी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद वहां ब्याज दरों को लेकर बाजार की चिंता बढ़ी।
4. बैंकिंग और NBFC शेयरों में बिकवाली
गुरुवार की गिरावट में बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों की बड़ी भूमिका रही। बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक समेत कई बड़े शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई। इससे निफ्टी और सेंसेक्स पर अतिरिक्त दबाव आया।
5. रुपये में कमजोरी और VIX में उछाल
शेयर बाजार में बढ़ी अस्थिरता का संकेत India VIX में भी मिला। लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक, India VIX 21 फीसदी से ज्यादा उछलकर 12.56 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 11 पैसे कमजोर होकर 95.84 पर पहुंच गया।
निवेशकों को कितना नुकसान हुआ?
बाजार में भारी गिरावट के बीच निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ी कमी आई। NDTV Profit के अनुसार, गुरुवार के एक कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब 3.93 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों की नजर अब आने वाले कारोबारी सत्रों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और वैश्विक बाजारों के संकेतों पर रहेगी। इन संकेतकों में बदलाव का असर भारतीय शेयर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
एक नजर में बाजार
• सेंसेक्स: 73,580.54
• सेंसेक्स गिरावट: 1,247.71 अंक
• निफ्टी: 23,063.10
• निफ्टी गिरावट: 383.70 अंक
• ब्रेंट क्रूड: 102 डॉलर के आसपास
• US 10-Year Yield: करीब 5.11%
• India VIX: 21% से ज्यादा उछला
• रुपया: 95.84 प्रति डॉलर




