राजस्थान के उदयपुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। राहत दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की डील का आरोप लगा, फिर ACB ने ऐसा जाल बिछाया कि पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। इस कार्रवाई के बाद एक बड़े पुलिस अधिकारी तक जांच की आंच पहुंच गई। आगे पढ़ें पूरी खबर।

क्या है पूरा मामला?
ACB के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि SOG के ASP मुकेश कुमार सोनी की ओर से एक बिचौलिये के माध्यम से ₹2 करोड़ की रिश्वत मांगी गई। बदले में गिरफ्तार लोगों को राहत देने, अन्य मामलों में आरोपी नहीं बनाने और जब्त किए गए कुछ दस्तावेज लौटाने का कथित आश्वासन दिया गया था। शिकायत की जांच के बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई।
कैसे बिछाया गया ट्रैप?
ACB की इंटेलिजेंस यूनिट ने उदयपुर में शिकायतकर्ता की फैक्ट्री पर जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला नामक बिचौलिये को कथित तौर पर रिश्वत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार किया गया। इसके बाद ASP मुकेश कुमार सोनी को उनके आवास से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
किन धाराओं में होगी कार्रवाई?
ACB ने बताया कि मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7A तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। एजेंसी पूरे नेटवर्क और कथित रिश्वतखोरी की कड़ी की जांच कर रही है।
ACB की अपील
ACB ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या बिचौलिया जांच या केस में राहत दिलाने के नाम पर पैसे मांगे, तो इसकी सूचना तुरंत ACB को दें। एजेंसी ने कहा कि शिकायत मिलने पर गोपनीय तरीके से जांच और कार्रवाई की जाएगी।






