दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी योजना सामने आई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी की 376 JJ क्लस्टर बस्तियों के पुनर्विकास की दिशा में कदम बढ़ाया है। योजना के तहत करीब 17 लाख लोगों को उसी इलाके में बहुमंजिला इमारतों में पक्के घर देने की तैयारी है। नए आवासों के साथ सड़क, पार्क, सीवरेज और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। आगे पढ़ें पूरी खबर।

376 झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास की तैयारी
DDA के मुताबिक दिल्ली में केंद्र सरकार और DDA की जमीन पर बड़ी संख्या में JJ क्लस्टर मौजूद हैं। Master Plan Delhi 2047 के तहत इन बस्तियों का इन-सिटु पुनर्वास यानी जहां झुग्गी है, वहीं पक्का मकान देने की योजना पर काम किया जा रहा है।
14 से 15 मंजिल तक के टावर बनाने की योजना
प्रस्तावित योजना में मौजूदा झुग्गी बस्तियों की जगह करीब 14 से 15 मंजिल के RCC टावर विकसित किए जाने की बात सामने आई है। इन इमारतों में लिफ्ट, आग से सुरक्षा के इंतजाम, सीवरेज सिस्टम, सोलर एनर्जी, पार्क और कम्युनिटी सेंटर जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
घरों में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित फ्लैटों का कारपेट एरिया करीब 25 से 30.5 वर्ग मीटर और सुपर बिल्ट-अप एरिया लगभग 34 से 40 वर्ग मीटर हो सकता है। इनमें बेडरूम, लिविंग/मल्टीपर्पज रूम, किचन, बाथरूम-टॉयलेट और बालकनी जैसी जगहें होंगी।
किन इलाकों में बदलेगी तस्वीर?
योजना के दायरे में दिल्ली के कई हिस्सों की JJ बस्तियां शामिल हैं। इनमें कालकाजी एक्सटेंशन, अशोक विहार, रोहिणी, दिलशाद गार्डन, पीतमपुरा, शालीमार बाग, वसंत कुंज और ओखला जैसे इलाके शामिल हैं। DDA की वेबसाइट पर कालकाजी, अशोक विहार और रोहिणी के कई इन-सिटु पुनर्वास प्रोजेक्ट भी दर्ज हैं।
निजी डेवलपर्स से भी ली जा रही राय
DDA ने योजना को आगे बढ़ाने के लिए निजी डेवलपर्स और अन्य हितधारकों के साथ बैठक की है। इसमें प्रोजेक्ट की संरचना, फंडिंग, जोखिम और मंजूरी की प्रक्रिया पर सुझाव लिए गए। इसके बाद डेवलपर्स के चयन के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है
घर बनने तक अस्थायी व्यवस्था
योजना के तहत पुनर्विकास के दौरान पात्र झुग्गीवासियों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था किए जाने की भी बात सामने आई है। इसका उद्देश्य लोगों को पूरी तरह उनके मौजूदा इलाके और आजीविका से दूर न करना है। नए आवासीय क्षेत्रों में बेहतर सड़क, सीवरेज, पार्क और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
पहले से तैयार हो चुके हैं कई प्रोजेक्ट
DDA की आधिकारिक वेबसाइट पर कालकाजी एक्सटेंशन और जेलरवाला बाग, अशोक विहार के इन-सिटु पुनर्वास प्रोजेक्ट दर्ज हैं। रोहिणी के सेक्टर 18, 19 और 20 तथा सूरज पार्क के लिए भी पुनर्वास परियोजनाएं सूचीबद्ध हैं।
Master Plan 2047 के तहत बड़ा लक्ष्य
दिल्ली का Master Plan 2047 राजधानी के आवास, परिवहन और शहरी विकास को लंबे समय के लिए दिशा देने वाली योजना है। DDA की आधिकारिक जानकारी में JJ क्लस्टर के लिए “जहां झुग्गी, वहां मकान” और इन-सिटु पुनर्वास को भी योजना का हिस्सा बताया गया है।
यानी आने वाले वर्षों में दिल्ली की कई झुग्गी बस्तियों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। अगर योजना तय प्रक्रिया के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो लाखों लोगों को बेहतर और पक्के आवास के साथ बुनियादी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।




