हरियाणा से सामने आया ये मामला अब सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा में है। मामला है जींद के रामराय गांव में हुई नौगामा खाप पंचायत का, जहां पंचायत के एक सदस्य वीरेंद्र दुल ने लड़कियों को लेकर कई ऐसे बयान दिए, जिन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।दरअसल, पंचायत में कथित तौर पर कहा गया कि लड़कियां छोटे कपड़े न पहनें, पिता की बाइक पर दोनों तरफ पैर करके न बैठें, उन्हें फोन न दिया जाए और डीजे पर डांस भी न किया जाए। यही बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और इसके बाद बहस छिड़ गई।लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती पंचायत में लव मैरिज को लेकर भी बड़ा फैसला सामने आया। कथित तौर पर कहा गया कि अगर एक ही गांव के युवक-युवती आपस में प्रेम विवाह करते हैं, तो उनकी गांव में एंट्री पर रोक रहेगी।अब सवाल ये है कि क्या पंचायत को लोगों की निजी जिंदगी और पहनावे पर इस तरह के फैसले लेने का अधिकार होना चाहिए?विवाद बढ़ने के बाद वीरेंद्र दुल ने सफाई देते हुए कहा कि पंचायत में रखी गई बातें उनकी व्यक्तिगत राय थीं और उन्होंने किसी पर जबरदस्ती लागू करने की बात नहीं कही थी।यानी एक तरफ पंचायत की परंपराएं और सामाजिक सोच की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ सवाल उठ रहा है कि आज के दौर में लड़कियों की आजादी, कपड़े, मोबाइल और निजी पसंद पर फैसला कौन करेगा—परिवार, पंचायत या खुद लड़की?और यही वजह है कि हरियाणा का ये मामला अब सिर्फ एक गांव की पंचायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला स्वतंत्रता और सामाजिक सोच पर बड़ी बहस बन गया है।


