उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने बड़ा सियासी दांव चला है। पार्टी ने 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उन बड़े नामों की हो रही है जिन्हें इस बार मौका नहीं मिला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। वहीं पार्टी ने नए चेहरों के साथ जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश की है। आगे पढ़ें पूरी खबर।

BJP ने इन 8 नेताओं को दिया टिकट
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने सोमवार को इन नामों को मंजूरी दी।
हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा को नहीं मिला मौका
इस सूची में सबसे बड़ा बदलाव केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का नाम नहीं होना है। दोनों का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। बीजेपी ने इस बार दोनों को दोबारा राज्यसभा भेजने के बजाय नए चेहरों पर भरोसा जताया है।
धर्मपाल सिंह को मिला बड़ा मौका
बरेली की आंवला विधानसभा सीट से विधायक और यूपी सरकार में मंत्री धर्मपाल सिंह को राज्यसभा का टिकट दिया गया है। वह संगठन और सरकार में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके नाम को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक चयन माना जा रहा है।
दो महिला उम्मीदवार भी मैदान में
बीजेपी की सूची में दो महिला चेहरों को भी जगह मिली है। इनमें पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत और श्रुति गंगवार शामिल हैं। प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं, जबकि श्रुति गंगवार बरेली की राजनीति से जुड़ी हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की बेटी हैं।
जातीय समीकरण का भी रखा गया ध्यान
बीजेपी की इस सूची में अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई देती है। रिपोर्टों के मुताबिक 8 उम्मीदवारों में 3 OBC, 2 दलित और 3 सामान्य वर्ग से जुड़े चेहरे हैं। इनमें दो ब्राह्मण और एक क्षत्रिय उम्मीदवार भी शामिल हैं।
कौन किस भूमिका में रहा है?
प्रकाश पाल बीजेपी के OBC मोर्चा से जुड़े वरिष्ठ संगठन नेता हैं। राम प्रताप सिंह चौहान पार्टी संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। विद्यासागर सोनकर पूर्व सांसद हैं, जबकि गोपी कृष्ण पांडेय संगठन में सक्रिय वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। राधाकांत ओझा इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।
16 अक्टूबर को होगा चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। बीजेपी ने फिलहाल 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी की मौजूदा संख्या को देखते हुए इन उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
बीजेपी की रणनीति पर नजर
आठ नए चेहरों को मौका देकर बीजेपी ने एक तरफ संगठन से जुड़े नेताओं को आगे बढ़ाया है, वहीं दूसरी तरफ अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। हरदीप पुरी और बीएल वर्मा जैसे मौजूदा सांसदों को टिकट न मिलना इस सूची का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।






